
असम (Asam) की वन्यजीव जीवविज्ञानी डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन (Purnima Devi Barman) को दुनिया का प्रतिष्ठित व्हिटली गोल्ड अवार्ड 2024 (Whitley Gold Award) से नवाजा गया है। इसे ग्रीन ऑस्कर भी कहा जाता है। व्हिटली फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूएफएन) से डॉ. पूर्णिमा को एक लाख पाउंड (भारतीय मुद्रा लगभग 1.04 करोड़ रुपये) की राशि मिलेगी। यह सम्मान दुनियाभर में वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओं को दिया जाता है।
वन्यजीव जीवविज्ञानी पूर्णिमा को लुप्तप्राय ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क और उसके आर्द्रभूमि निवास स्थान के संरक्षण प्रयासों के लिए इस अग्रणी चैरिटी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह अवार्ड मिलना भारत के लिए गर्व की बात है। डॉ पूर्णिमा देवी बर्मन को इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
गौरतलब है कि वन्यजीव विज्ञानी बर्मन 10,000 महिलाओं की ‘‘हरगिला आर्मी’’ का नेतृत्व करती हैं, जो सारस को विलुप्त होने से बचाने के लिए समर्पित आंदोलन है। महिलाएं सारस पक्षी जैसे मुखौटे बनाती और बेचती हैं, जिससे अपनी वित्तीय स्वतंत्रता के साथ ही विलुप्त होती प्रजाति के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।




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