Edinbox Hindi
Lyrics of the song 'Nimbooda-Nimbooda' featured in Odisha's Class 5 English textbook

ओडिशा की 5वीं की अंग्रेजी किताब में छपे ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाने के बोल, स्कूल शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

Lyrics of the song 'Nimbooda-Nimbooda' featured in Odisha's Class 5 English textbook

ओडिशा में सरकारी स्कूलों की नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला कक्षा 5 की अंग्रेजी की किताब से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ (1999) के लोकप्रिय गीत ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ के बोल छप गए हैं। यह गलती सामने आने के बाद पाठ्यपुस्तकों की एडिटिंग, प्रूफरीडिंग और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

यह मामला तब चर्चा में आया जब किताब के संबंधित पन्नों की तस्वीरें सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में सामने आईं। इसके बाद अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इस चूक पर चिंता जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।

कैसे सामने आई यह गलती?

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कक्षा 5 की अंग्रेजी की नई पुस्तक के एक हिस्से में बच्चों के लिए निर्धारित पाठ की जगह फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के चर्चित गीत ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ के बोल छपे हुए दिखाई दिए। किताबों के स्कूलों तक पहुंचने के बाद यह गलती लोगों की नजर में आई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो गईं।

हालांकि, इस मामले पर संबंधित शिक्षा अधिकारियों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था।

गुणवत्ता जांच पर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों के निर्माण, संपादन, प्रूफरीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं की किताबें कई स्तरों की समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं। ऐसे में इतनी बड़ी गलती का अंतिम संस्करण तक पहुंच जाना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

अभिभावकों का भी कहना है कि छोटे बच्चों की किताबों में इस तरह की त्रुटियां शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं हजारों गलतियां

यह पहला अवसर नहीं है जब ओडिशा की स्कूली किताबों को लेकर विवाद हुआ हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तैयार की गई राज्य की नई पाठ्यपुस्तकों में पहले भी बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आ चुकी हैं।

राज्य सरकार की जांच में कक्षा 1 से 8 तक की 55 SCERT पुस्तकों में 1,678 गलतियां दर्ज की गई थीं। इनमें तथ्यात्मक त्रुटियां, व्याकरण संबंधी गलतियां, वर्तनी की अशुद्धियां और गलत संदर्भ शामिल थे। सबसे अधिक 705 त्रुटियां कक्षा 8 की पुस्तकों में पाई गई थीं।

सरकार ने की थी सख्त कार्रवाई

पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में गलतियां सामने आने के बाद ओडिशा सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने टीचर एजुकेशन एंड स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (TE&SCERT) के तत्कालीन निदेशक मनोज पाढ़ी और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था।

सरकारी बयान के अनुसार, यह कार्रवाई विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। समिति ने पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और प्रकाशन प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां चिन्हित की थीं। इसके अलावा छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।

अब क्या हो सकता है?

यदि कक्षा 5 की अंग्रेजी की किताब में फिल्मी गीत के बोल छपने की पुष्टि होती है, तो राज्य सरकार एक बार फिर पाठ्यपुस्तकों की प्रकाशन प्रक्रिया की समीक्षा कर सकती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रूफरीडिंग, संपादन और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि छात्रों तक त्रुटिरहित और भरोसेमंद अध्ययन सामग्री पहुंच सके।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed