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जेएनयू में व्याख्यान का मंच क्यों बना नोंकझोंक का अखाड़ा ?

नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू (JNU) में कोलंबिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गायत्री चक्रवर्ती स्पिवक का व्याख्यान आयोजित किया गया था, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया है। कार्यक्रम के दौरान एक श्रोता छात्र और स्पिवक के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोग तरह-तरह की टिपण्णी कर रहे हैं। वीडियो में 83 वर्षीया विद्वान स्पिवक एक श्रोता छात्र को लगातार किसी शब्द का सही उच्चारण करने को कहती नज़र आ रही हैं और इसी क्रम में दोनों की बहस हो रही है। 

इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले अंशुल कुमार, जो खुद को ‘सेंटर फॉर ब्राह्मण स्टडीज’ के संस्थापक प्रोफेसर और चेयरपर्सन बताते हैं, का कहना है कि व्याख्यान के बाद वह स्पिवक से सवाल पूछना चाहते थे लेकिन उन्होंने अमेरिकी समाजशास्त्री डब्ल्यू.ई.बी. (वेब डु बोइस) के नाम के उच्चारण की आड़ में न सिर्फ उन्हें रोकने की कोशिश की बल्कि उनका मज़ाक भी उड़ाया। उन्हें एक बुजुर्ग महिला के प्रति असभ्य व्यवहार करने के लिए डांटा भी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में, सुश्री स्पिवक को अंशुल से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे किसी विद्वान के काम को सामने लाने या उसके बारे में बात करने से पहले उसकी पृष्ठभूमि को जान लें और खहसकर तब और जब बात डु बोइस जैसे विद्वान और प्रसिद्ध व्यक्ति की हो। एक जगह पर कुमार को पलटवार करते हुए सुना जा सकता है, “यदि छोटी-मोटी बातें हो जाएं, तो मैं अपने प्रश्न के साथ आगे बढ़ सकता हूं?”

28 वर्षीय अंशुल कुमार के मुताबिक वह स्पिवक के खुद को मध्यम वर्ग के रूप में स्थापित करने के दावे को लेकर सवाल पूछना चाहते थे, जिसमें समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसी प्रमुख हस्तियों से जुड़ी उनकी वंशावली पर प्रकाश डाला गया था। उन्होंने स्पिवक के प्रभावशाली काम, ‘कैन द सबाल्टर्न स्पीक’ का संदर्भ देकर स्थिति की विडंबना को भी इंगित किया, जो पितृसत्तात्मक और शाही ताकतों द्वारा हाशिए की आवाज़ों को चुप कराने की आलोचना करता है। 

घटना के बाद, सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में एम.ए. (समाजशास्त्र) के छात्र अंशुल कुमार ने सभागार के बाहर विरोध में एक पोस्टर भी लगाया, जिसमें लिखा था: “यदि सबाल्टर्न बोल नहीं सकता, वह गाली देगा!” साथ एक वाक्य भी जोड़ा- सुश्री स्पिवक के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले निबंधों में से एक ‘कैन द सबाल्टर्न स्पीक?’ पर एक नाटक।

बहरहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद लोग अंशुल कुमार की भाषा की आलोचना कर रहे हैं जो उन्होंने घटना के बाद सुश्री स्पिवक के लिए इस्तेमाल की थी। वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं जो यह मानते हैं कि सुश्री स्पिवक का प्रश्नकर्ता छात्र के साथ व्यवहार अहंकारी और अनावश्यक रूप से अपमानजनक था। 

Asmita Sarkar

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