
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने प्रोफेसर इकबाल हुसैन (Professor Iqbal Hussain) की जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के प्रो-वाइस चांसलर (Pro Vice Chancellor) और कार्यकारी कुलपति के रूप में नियुक्ति को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह नियुक्ति संबंधित कानून के अनुरूप नहीं की गई थी। साथ ही, न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला ने एक सप्ताह में नए कार्यकारी कुलपति की नियुक्ति का आदेश भी दिया। इस बीच, अदालत के इस फैसले के कुछ ही घंटे बाद जामिया मिलिया इस्लामिया ने मोहम्मद शकील (Mohammad Shakeel) को अपना कार्यकारी कुलपति नियुक्त कर दिया।
अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारी कुलपति के पद पर नई नियुक्ति करने का निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक मशीनरी प्रभावित न हो या पूरी तरह से ठप न हो जाए। कोर्ट ने विश्वविद्यालय कुलाध्यक्ष यानी महामहिम राष्ट्रपति से इस बीच एक नियमित कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का आदेश देने का भी आग्रह किया।
बहरहाल, मोहम्मद शकील जामिया में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से बीटेक और एमटेक की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद रुड़की विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वे विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति के पदभार ग्रहण करने तक कार्यकारी कुलपति का कार्यभार संभालेंगे।
कार्यकारी कुलपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद शकील ने कहा, ‘मैं सभी स्तरों पर विश्वविद्यालय के हितों की रक्षा करने की पूरी कोशिश करूंगा।’ शकील ने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भी काम किया है, जिनमें इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन, परीक्षा नियंत्रक, दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के निदेशक, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख आदि पद शामिल हैं। वह विश्वविद्यालय की कई महत्वपूर्ण समितियों का भी हिस्सा रहे हैं।




Add comment