
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के समाज विज्ञान संस्थान की एक छात्रा ने अपने प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। छात्रा ने अपने परिजनों के साथ कुलपति से मुलाकात की और शिकायत कर प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने पूरे प्रकरण की जांच आंतरिक जांच कमेटी को सौंप दी है। उधर छात्रा ने इस मामले में हरीपर्वत थाने में भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
छात्रा का आरोप है कि एक जून से शुरू होने वाली परीक्षा से पहले वह अपनी सिनोप्सिस (सारांश) जमा करवाने यूनिवर्सिटी के पालीवाल पार्क परिसर स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस गयी थी। जब वह प्रोफेसर के पास गयी तो उन्होंने उसे अपने कमरे में बुलाया। वहां उन्होंने छात्रा के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। उसे गलत जगह छूने का प्रयास किया। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने हाथ पकड़कर जबरदस्ती की कोशिश की। किसी तरह वह खुद को उसके चंगुल से मुक्त कराकर बाहर भागी।
उस समय संस्थान में सिर्फ दो-चार छात्र-छात्राएं ही मौजूद थे। छात्रा ने रोते हुए साथियों को घटना की जानकारी दी। इस पर छात्र-छात्राओं ने बैच के अन्य साथियों को संस्थान बुला लिया। गुस्साए छात्र-छात्राओं ने खंदारी स्थित कुलपति कैंप कार्यालय में पहुंचकर पीड़िता की ओर से लिखित शिकायत कुलपति को दी। कुलपति ने पूरे प्रकरण की जांच आंतरिक जांच कमेटी को सौंप दी है। मामले को लेकर आपात बैठक भी आहूत की गई।
उधर, छात्रा ने बाद में अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी दी। इसके बाद छात्रा ने पिता के साथ हरीपर्वत थाने में भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। हरीपर्वत थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़ित छात्रा की ओर से तहरीर मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित छात्रा का कहना है कि उक्त प्रोफेसर पिछले दो दिनों से उसे साथ मूवी देखने चलने की बात कह रहे थे। वह सीधे इन्कार न कर समय न होने का बहाना बनाकर इसे ताल रही थी। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि उक्त प्रोफेसर कक्षा में भी लेक्चर के दौरान द्विअर्थी संवाद करते थे। वहीं आरोपी प्रोफेसर का कहना है कि छात्रा का शोध प्रबंधन जमा नहीं हुआ है। बार-बार सूचना देने के बाद भी छात्रा बहाना बना रही थी। मैंने कहा कि शोध प्रबंधन जमा नहीं किया तो फेल हो जाओगी। इसके बाद मैं घर चला आया। यहां आने के बाद पता चला कि छात्रा ने मेरे ऊपर छेड़खानी के आरोप लगा दिए हैं। यह मेरे शिक्षण के लंबे कार्यकाल में पहला मौका है जब किसी छात्रा ने इस तरह का घिनौना आरोप लगाया है।




Add comment