
बिहार में सरकारी शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थी बीपीएससी टीआरई तीसरे चरण की परीक्षा तिथि का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा था कि जून के मध्य में इसके लिए परीक्षा आयोजित की जा सकती है। लेकिन अब एक बड़ी खबर यह आ रही है कि संभवतः जून के मध्य में भी यह परीक्षा नहीं हो पाएगी। कारण, पटना हाई कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया है।
गौरतलब है कि पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर संविदा पर नियुक्त प्लस 2 स्कूल के अतिथि शिक्षकों के लिए इस परीक्षा में उनके सेवाकाल के अनुसार प्रति वर्ष 5 अंक और अधिकतम 25 अंक देने की मांग की गयी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल इस भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने हर साल के आधर पर पांच नंबर और पांच साल के आधार पर 25 नंबर को महत्व देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पिछड़ा और अति पिछड़ा विभाग के शिक्षकों को वेटेज मिल रहा है। अतिथि शिक्षक और पिछड़ा व अति पिछड़ा विभाग के शिक्षक दोनों पढ़ाने का ही काम करते हैं। इसलिए अतिथि शिक्षक को भी वेटेज मिलना चाहिए।
बता दें कि बीपीएससी टीआरई तीसरे चरण की परीक्षा मार्च महीने में आयोजित की गयी थी लेकिन पेपर लीक होने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग ने इसे रद्द कर दिया था। तब से ही लगातार इस परीक्षा की नयी तिथियों को लेकर छात्रों के बीच सरगोशियां चलती आ रही हैं। परीक्षा रद्द करने के बाद बीपीएससी ने अब तक नई तिथि का कोई ऐलान नहीं किया है और न ही शिक्षक भर्ती परीक्षा के संबंध में कोई नया अपडेट ही जारी किया गया है।
अब हाईकोर्ट ने तीसरे चरण की परीक्षा पर स्टे लगाकर असमंजस की स्थिति को और बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि बिहार लोक सेवा आयोग भी पेपर लीक के बाद परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है, ऐसे में इसके लटकने की ही आशंका ज्यादा है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि बीपीएससी की तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा 2024 जून के आखिरी हफ्ते से पहले आयोजित करवाना मुमकिन है लेकिन फिलहाल कोई राजनितिक बाध्यता न होने के कारण शायद ही सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश करेगी। वैसे भी हाई कोर्ट के परीक्षा पर रोक के फैसले के बाद परीक्षा आयोजित कराने के लिए आयोग को नए सिरे से अधिसूचना जारी करनी होगी जिसमें इन निर्देशों को समायोजित करना होगा। अन्यथा एक रास्ता इस फैसले के खिलाफ अपील करना भी हो सकता है। बहरहाल दोनों ही स्थिति में संभव है कि परीक्षा में देरी हो।




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