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India Jobs 2026: Hiring to Remain Strong in H2, Real Estate, FMCG and IT Lead Job Creation

India Jobs 2026: दूसरी छमाही में बढ़ेंगी नौकरियां, रियल एस्टेट, FMCG और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा उम्मीद

India Jobs 2026: Hiring to Remain Strong in H2, Real Estate, FMCG and IT Lead Job Creation

India Jobs 2026: भारत के जॉब मार्केट के लिए 2026 की दूसरी छमाही अच्छी खबर लेकर आती दिख रही है। नौकरी बाजार में नई भर्तियों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है और कई बड़े सेक्टर नई नौकरियां पैदा करने की तैयारी में हैं। Naukri H2 2026 Hiring Outlook के मुताबिक, 97 फीसदी वरिष्ठ HR लीडर्स को उम्मीद है कि जुलाई से दिसंबर के बीच नई और मौजूदा पदों पर भर्ती जारी रहेगी। वहीं, 79 फीसदी HR लीडर्स ने नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई है। यह सर्वे 540 से अधिक वरिष्ठ HR लीडर्स और हायरिंग से जुड़े अधिकारियों की राय पर आधारित है।

रियल एस्टेट और FMCG में नौकरियों की सबसे ज्यादा उम्मीद

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल एस्टेट नई नौकरियां पैदा करने के मामले में सबसे आगे है। इस क्षेत्र के 86 फीसदी HR लीडर्स ने दूसरी छमाही में नई नौकरियां आने की उम्मीद जताई है। इसके बाद FMCG सेक्टर में 85 फीसदी और IT/Tech में 83 फीसदी HR लीडर्स ने नई नौकरियों की संभावना बताई है।

IT सेक्टर का रुख खास तौर पर महत्वपूर्ण है। 2026 की पहली छमाही में 79 फीसदी HR लीडर्स ने नई नौकरियों की उम्मीद जताई थी, जो अब बढ़कर 83 फीसदी हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर में 79-79 फीसदी तथा बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा यानी BFSI सेक्टर में 72 फीसदी HR लीडर्स ने नई नौकरियों की उम्मीद जताई है।

किन नौकरियों की मांग सबसे ज्यादा रहेगी?

सर्वे के अनुसार, कंपनियों की भर्ती जरूरतों में बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग और IT से जुड़े पद सबसे आगे रह सकते हैं। करीब 45 फीसदी HR लीडर्स ने बिजनेस डेवलपमेंट को सबसे अधिक भर्ती वाला क्षेत्र माना है। इसके बाद मार्केटिंग के लिए 37 फीसदी और IT भूमिकाओं के लिए 31 फीसदी HR लीडर्स ने ज्यादा भर्ती की उम्मीद जताई है।

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक और अहम संकेत यह है कि शुरुआती करियर वाले उम्मीदवारों की मांग बनी रह सकती है। 62 फीसदी HR लीडर्स ने 0 से 3 साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों के लिए सबसे ज्यादा भर्ती की उम्मीद जताई है, जबकि 57 फीसदी ने 4 से 7 साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों की मांग मजबूत रहने की बात कही है।

AI से फिलहाल बड़े पैमाने पर छंटनी की उम्मीद नहीं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नौकरी जाने की चिंता लगातार बनी हुई है। हालांकि, Naukri के सर्वे में HR लीडर्स की राय इससे कुछ अलग दिखाई देती है। 86 फीसदी HR लीडर्स को अगले छह महीनों में AI के कारण बड़ी संख्या में नौकरियां जाने की उम्मीद नहीं है।

इसके उलट, IT और BFSI सेक्टर में 20 फीसदी से अधिक HR लीडर्स को लगता है कि AI नई नौकरियां पैदा कर सकता है। IT, मार्केटिंग और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में AI के कारण नई भूमिकाएं उभरने की उम्मीद जताई गई है।

इसका मतलब यह नहीं है कि AI का नौकरियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि कंपनियों की जरूरत बदल रही है और ऐसे कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है, जो नई तकनीक के साथ काम कर सकें। इसलिए आने वाले समय में केवल डिग्री के बजाय काम से जुड़े नए कौशल भी महत्वपूर्ण होंगे।

सही कौशल वाले उम्मीदवारों की कमी बड़ी चुनौती

भर्ती बढ़ने के बावजूद कंपनियों के सामने एक बड़ी समस्या बनी हुई है—जरूरत के मुताबिक कौशल रखने वाले उम्मीदवारों की तलाश। सर्वे में 31 फीसदी HR लीडर्स ने उपलब्ध उम्मीदवारों के कौशल और नौकरी की जरूरत के बीच सही तालमेल को सबसे बड़ी भर्ती चुनौती बताया है। बदलती तकनीक के कारण कुछ पुराने कौशल की मांग कम हो रही है, जबकि नए कौशल तेजी से सामने आ रहे हैं।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC सेक्टर में भी यही तस्वीर दिखाई दे रही है। Taggd और Confederation of Indian Industry (CII) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 52 फीसदी GCCs ने वित्त वर्ष 2026-27 में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बताई है। लेकिन कंपनियों का फोकस अब ज्यादा लोगों को भर्ती करने के बजाय सही कौशल वाले लोगों को चुनने पर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में गुणवत्ता के अनुरूप प्रतिभा न मिलना प्रमुख भर्ती चुनौती के रूप में सामने आया है।

युवाओं के लिए क्या है संकेत?

2026 की दूसरी छमाही का हायरिंग आउटलुक बताता है कि नौकरी के अवसर पूरी तरह कमजोर नहीं हुए हैं, बल्कि कंपनियों की जरूरतों में बदलाव आ रहा है। रियल एस्टेट, FMCG, IT, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और BFSI जैसे सेक्टरों में अलग-अलग स्तर पर भर्ती की उम्मीद है।

खास तौर पर नए ग्रेजुएट और शुरुआती करियर वाले युवाओं के लिए IT, BFSI और हेल्थकेयर में अवसर बने रह सकते हैं। वहीं, AI, डेटा, एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग और तकनीकी भूमिकाओं से जुड़े कौशल उम्मीदवारों को बदलते जॉब मार्केट में बेहतर अवसर दिला सकते हैं।

कुल मिलाकर, 2026 की दूसरी छमाही में भारतीय जॉब मार्केट का संकेत सकारात्मक है। लेकिन कंपनियों के लिए सिर्फ उम्मीदवारों की संख्या नहीं, बल्कि सही कौशल वाला उम्मीदवार अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में नौकरी चाहने वालों के लिए लगातार अपने कौशल को अपडेट करना और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करना जरूरी होगा।

 

Asmita Sarkar

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