Edinbox Hindi
Recruitment Exams 2026: Jharkhand Cancels 22 Exams, Maharashtra Scraps Drug Inspector Recruitment; Know What Happened

झारखंड से महाराष्ट्र तक भर्ती परीक्षाओं पर संकट, दो हफ्तों में 28 परीक्षाएं रद्द; जानिए पूरा मामला

Recruitment Exams 2026: Jharkhand Cancels 22 Exams, Maharashtra Scraps Drug Inspector Recruitment; Know What Happened

Recruitment Exams 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अगस्त 2026 का आखिरी पखवाड़ा बेहद अहम रहा है। झारखंड में लंबे छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं को स्थगित करने और 17 पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला किया। इसके बाद महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक की पुष्टि होने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई। मध्य प्रदेश में भी 1,040 पदों वाली ग्रुप-3 भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने का फैसला लिया गया है। वहीं, UGC-NET और AIAPGET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी अलग-अलग कारणों से दोबारा परीक्षा की स्थिति बनी है।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पिछले दो हफ्तों में देशभर में कुल 28 भर्ती परीक्षाएं रद्द हुई हैं। उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टों में अलग-अलग राज्यों और परीक्षाओं के मामलों की संख्या अलग है। इसलिए इस पूरी स्थिति को परीक्षा रद्द होने, स्थगित होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने के मामलों के रूप में समझना ज्यादा सही है।

झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द, छह स्थगित

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया। सरकार ने छह अन्य परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित किया है और 17 परीक्षाओं, उनके नतीजों या नियुक्तियों को जांच के दायरे में रखा है।

रद्द की गई परीक्षाओं में JSSC CGL, JPSC की कई सिविल सेवा परीक्षाएं, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर, सिविल जज, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर जैसी भर्तियां शामिल हैं। सरकार के अनुसार, 22 में से 19 परीक्षाएं TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के जरिए आयोजित की गई थीं।

इन फैसलों की वजह भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियां और अनियमितताएं हैं। सरकार ने पुराने मामलों की जांच के लिए CID को भी जिम्मेदारी दी है।

लेकिन झारखंड में मामला अब कोर्ट पहुंच चुका है

सरकार के फैसले के बाद मामला पूरी तरह सीधा नहीं रहा। झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती से जुड़े रद्दीकरण पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके बाद अदालत ने JSSC-CGL और CDPO भर्ती के मामले में भी सरकार के फैसले पर रोक लगाई। अदालत ने संबंधित चयनित उम्मीदवारों को राहत दी और सरकार तथा आयोग से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है।

इसका मतलब है कि झारखंड में सरकार की ओर से घोषित 22 परीक्षाओं का मामला अभी अंतिम रूप से खत्म नहीं हुआ है। कुछ भर्तियों पर अदालत का फैसला आगे की स्थिति तय करेगा।

महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पदों की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। यह फैसला मार्च 2026 में हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी की जांच के बाद लिया गया। जांच में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिले और अब उम्मीदवारों के लिए नई परीक्षा कराने की तैयारी है।

इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ छह लोगों की गिरफ्तारी की भी खबर है, जिनमें MPSC से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इससे भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और प्रश्नपत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

UGC-NET में तीन विषयों की परीक्षा दोबारा

राष्ट्रीय स्तर पर UGC-NET जून 2026 भी परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव का उदाहरण है। NTA ने English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियां मिलने के बाद इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया। समिति की जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद, व्याकरण और प्रश्नों से जुड़ी कई गलतियां पाई गई थीं।

बाकी 84 विषयों की परीक्षा प्रक्रिया को इससे अलग रखा गया है। NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर इन तीन विषयों के लिए दोबारा परीक्षा से संबंधित नोटिस भी जारी किया गया है।

यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र में मिली कई गंभीर गलतियों का है। इसलिए दोनों तरह की घटनाओं को एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा।

मध्य प्रदेश में 1,040 पदों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने ग्रुप-3 सब इंजीनियर, मानचित्रकार और अन्य समकक्ष पदों की 1,040 पदों वाली भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 अगस्त से शुरू हुई थी, लेकिन बाद में विभिन्न विभागों से अतिरिक्त रिक्तियों की जानकारी मिलने के बाद मौजूदा विज्ञापन में उन्हें शामिल करना संभव नहीं रहा। इसलिए बोर्ड ने मौजूदा भर्ती प्रक्रिया और आवेदन प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से विज्ञापन जारी करने का फैसला किया है।

यह मामला परीक्षा में पेपर लीक या नकल से जुड़ा नहीं है। इसे भर्ती प्रक्रिया में प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखना चाहिए।

AIAPGET में सिर्फ एक परीक्षा केंद्र के उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा

AIAPGET 2026 में भी जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्या के कारण उम्मीदवारों को परेशानी हुई। 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा के दौरान श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज, जयपुर में बिजली चली गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस केंद्र पर 192 उम्मीदवारों में से 49 उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इसके बाद NTA ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया।

यहां भी पूरे देश की AIAPGET परीक्षा रद्द नहीं हुई है। दोबारा परीक्षा केवल प्रभावित उम्मीदवारों के लिए कराई जाएगी।

बिहार में 70वीं BPSC को लेकर जारी है छात्र आंदोलन

बिहार में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। 25 अगस्त को पटना में छात्रों ने प्रदर्शन किया और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। छात्रों की मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।

यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है कि 70वीं BPSC परीक्षा फिलहाल रद्द नहीं हुई है। छात्र इसकी मांग कर रहे हैं। परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और कथित पेपर लीक के आरोपों को लेकर विवाद जारी है।

क्या बता रही है भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा स्थिति?

पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से यह साफ है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और प्रश्नपत्र की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ा है। लेकिन हर परीक्षा रद्द होने की वजह एक जैसी नहीं है। कहीं कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच चल रही है, कहीं प्रश्नपत्र में गंभीर गलतियां मिली हैं और कहीं प्रशासनिक कारणों से भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है।

उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षा रद्द, स्थगित और दोबारा आयोजित होने के बीच अंतर समझें। साथ ही किसी भी भर्ती परीक्षा की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी पर भरोसा करने के बजाय संबंधित आयोग या परीक्षा एजेंसी की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।

आने वाले दिनों में झारखंड की रद्द की गई भर्तियों पर अदालत की कार्यवाही, महाराष्ट्र की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की नई परीक्षा और UGC-NET के तीन विषयों की दोबारा परीक्षा पर उम्मीदवारों की नजर रहेगी।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed