Edinbox Hindi
IIT Delhi Launches First Academic Programme at Sonipat Campus with Solar Energy PG Diploma 

IIT Delhi Sonipat Campus: शुरू हुआ पहला अकादमिक कार्यक्रम, Solar Energy में PG Diploma की पढ़ाई, 8 देशों के 9 फेलो शामिल

IIT Delhi Launches First Academic Programme at Sonipat Campus with Solar Energy PG Diploma 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने अपने सोनीपत कैंपस में पहला अकादमिक कार्यक्रम शुरू कर दिया है। Postgraduate Diploma in Solar Systems and Management नाम से शुरू किए गए इस एक वर्षीय कार्यक्रम का पहला बैच 3 सितंबर 2026 से शुरू हुआ। कार्यक्रम को IIT Delhi ने International Solar Alliance (ISA) और फ्रांस के Institut National de l’Énergie Solaire (INES) के सहयोग से शुरू किया है।

इस कार्यक्रम का फोकस सोलर एनर्जी के क्षेत्र में ऐसे प्रशिक्षित प्रोफेशनल तैयार करना है, जो आगे अपने-अपने देशों में सौर तकनीक को बढ़ावा देने और दूसरे लोगों को प्रशिक्षण देने में भूमिका निभा सकें। पहले बैच में 8 देशों के 9 अंतरराष्ट्रीय फेलो शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन IIT Delhi के Department of Energy Science and Engineering (DESE) की ओर से किया जा रहा है।

एक साल का है Solar Systems and Management PG Diploma

IIT Delhi के अनुसार यह कार्यक्रम केवल क्लासरूम आधारित पढ़ाई नहीं है, बल्कि एक hands-on training programme है। इसमें ISA द्वारा नामित फेलो को एक साल तक सोलर टेक्नोलॉजी और उसके इस्तेमाल से जुड़े विषयों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

ट्रेनिंग में IIT Delhi के विशेषज्ञ शिक्षक और इंडस्ट्री पार्टनर शामिल होंगे। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा की तकनीक और उसके व्यावहारिक इस्तेमाल की ऐसी समझ देना है, जिसे वे अपने देशों में आगे इस्तेमाल कर सकें।

120 से ज्यादा ISA सदस्य देशों के लिए तैयार होंगे ट्रेनर

इस कार्यक्रम को Train-the-Trainers Model पर तैयार किया गया है। यानी यहां प्रशिक्षित होने वाले फेलो आगे अपने देशों में सोलर एनर्जी से जुड़े दूसरे लोगों को ट्रेनिंग देने में मदद करेंगे।

IIT Delhi के DESE प्रमुख प्रो. रमेश नारायणन ने कहा कि यह पहल ISA के 120 से अधिक सदस्य देशों के लिए सोलर टेक्नोलॉजी और एप्लीकेशन रिसोर्स सेंटर यानी STAR-C में ट्रेनर तैयार करने में मदद करेगी।

STAR-C का उद्देश्य ISA सदस्य देशों में सौर ऊर्जा को तेजी से अपनाने के लिए जरूरी कौशल, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमता विकसित करना है। इन केंद्रों के जरिए संस्थागत क्षमता मजबूत करने, ग्रीन जॉब्स बढ़ाने और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाता है।

कोर्स पूरा करने के बाद यूरोप में मिलेगी ट्रेनिंग

इस कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि सफलतापूर्वक PG Diploma पूरा करने वाले ISA फेलो को Applied Solar Technologies पर यूरोप में एक महीने की इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।

इंटर्नशिप के बाद फेलो को उनके संबंधित देशों में मौजूद STAR-C से जोड़ा जाएगा। इस तरह कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक साल की ट्रेनिंग देना नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित प्रोफेशनल को उनके देश में सोलर एनर्जी से जुड़े प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के काम से जोड़ना भी है।

UNIDO ने किया कार्यक्रम को Sponsor

इस अंतरराष्ट्रीय PG Diploma Programme को United Nations Industrial Development Organization (UNIDO) ने स्पॉन्सर किया है। कार्यक्रम में सोलर टेक्नोलॉजी से जुड़ी शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव संसाधन तैयार करने पर जोर दिया गया है।

यह पहल फरवरी 2026 में IIT Delhi और ISA के बीच हुए Framework for Action (FFA) का हिस्सा है। इस समझौते का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, अकादमिक सहयोग, मानव संसाधन विकास, संयुक्त रिसर्च और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ाना है।

IIT Delhi और ISA की साझेदारी पहले से जारी

सोलर PG Diploma कार्यक्रम IIT Delhi और ISA की पहली बड़ी साझेदारी नहीं है। दोनों संस्थान पहले से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। IIT Delhi के अनुसार, पिछले वर्षों में इस साझेदारी के तहत 18 विकासशील देशों के प्रोफेशनल्स के लिए Renewable Energy Technologies and Management में M.Tech कार्यक्रम भी चलाया गया है। इस कार्यक्रम से 100 से ज्यादा छात्र लाभ ले चुके हैं।

अब इसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए एक वर्षीय PG Diploma को Train-the-Trainers मॉडल से जोड़ा गया है। इसके साथ संयुक्त रिसर्च, ज्ञान साझा करने और भविष्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अन्य अकादमिक कार्यक्रमों के विस्तार की भी संभावना रखी गई है।

Sonipat Campus के लिए क्यों खास है यह शुरुआत?

IIT Delhi के सोनीपत कैंपस में शुरू हुआ यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कैंपस में फिजिकल क्लास के साथ शुरू होने वाला पहला teaching programme है। IIT Delhi Sonipat Campus के Professor-in-Charge प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इसे कैंपस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सोनीपत कैंपस में इस तरह के और कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। इससे कैंपस में अकादमिक गतिविधियों के साथ रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ाने का रास्ता तैयार होगा।

भारत से Global South तक सोलर एनर्जी एक्सपर्ट तैयार करने की कोशिश

दुनिया के कई विकासशील देशों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में IIT Delhi, ISA और INES का यह कार्यक्रम केवल एक डिप्लोमा कोर्स नहीं, बल्कि सोलर एनर्जी के क्षेत्र में ट्रेनर और विशेषज्ञ तैयार करने की अंतरराष्ट्रीय पहल के रूप में देखा जा सकता है।

IIT Delhi और ISA के बीच हुए समझौते में संयुक्त रिसर्च, नई सौर तकनीकों, गुणवत्ता मानकों, सोलर रिसोर्स असेसमेंट और ज्ञान के आदान-प्रदान को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।

इस कार्यक्रम के जरिए IIT Delhi का सोनीपत कैंपस अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोलर एनर्जी स्किल डेवलपमेंट से जुड़ गया है। आने वाले समय में यहां और अकादमिक कार्यक्रम शुरू होने के साथ कैंपस की भूमिका शिक्षा, रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के केंद्र के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed