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25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी परीक्षा, SBI रिपोर्ट में परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट ‘The State of Higher Education in India since 2014’ के मुताबिक करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी परीक्षा है।

SBI Research ने भारत की प्रमुख प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की तुलना चीन, ब्राजील, तुर्किये, नाइजीरिया और अमेरिका में होने वाली बड़ी परीक्षाओं से की है। रिपोर्ट में सिर्फ उम्मीदवारों की संख्या की तुलना नहीं की गई है, बल्कि बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करने के लिए जरूरी सुरक्षा, स्टाफ, निगरानी, शिकायत निवारण और संस्थागत व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है।

दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में NEET UG कहां?

SBI Research के आंकड़ों के अनुसार, चीन की Gaokao सबसे ज्यादा उम्मीदवारों वाली परीक्षा है। 2026 में इसमें करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद ब्राजील की ENEM में करीब 48 लाख और चीन की Guokao में करीब 37 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। चीन की राष्ट्रीय मास्टर डिग्री प्रवेश परीक्षा में करीब 34 लाख उम्मीदवारों का आंकड़ा दिया गया है।

करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG इस तुलना में पांचवें स्थान पर आती है। इसके बाद तुर्किये की YKS में करीब 24 लाख, नाइजीरिया की UTME में करीब 22 लाख और SAT में करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। ये आंकड़े संबंधित परीक्षाओं में उम्मीदवारों की अनुमानित संख्या पर आधारित हैं।

इस तुलना में एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि इन सभी परीक्षाओं का उद्देश्य एक जैसा नहीं है। NEET UG मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए है, जबकि कुछ अन्य परीक्षाएं उच्च शिक्षा में प्रवेश, स्कूल मूल्यांकन या सरकारी भर्ती से संबंधित हैं।

भारत में NEET UG के बाद कौन सी परीक्षाएं बड़ी हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी कई ऐसी परीक्षाएं हैं जिनमें लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG सबसे बड़े परीक्षा समूह में आती है। इसके बाद UPSC Civil Services Examination में करीब 12 लाख, JEE Main में करीब 10 लाख और UGC NET में करीब 8 लाख उम्मीदवारों का आंकड़ा रिपोर्ट में दिया गया है।

इन परीक्षाओं की भूमिका अलग-अलग है। NEET UG के जरिए मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है। JEE Main इंजीनियरिंग शिक्षा में प्रवेश से जुड़ी प्रमुख परीक्षा है। UPSC Civil Services Examination के जरिए केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं में भर्ती होती है, जबकि UGC NET उच्च शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में पात्रता से जुड़ी परीक्षा है।

इसलिए केवल उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर इन परीक्षाओं की कठिनाई या महत्व की तुलना करना उचित नहीं होगा।

चीन की Gaokao में 1.29 करोड़ उम्मीदवार, इतने बड़े स्तर पर कैसे होती है परीक्षा?

SBI Research ने चीन की Gaokao परीक्षा की व्यवस्था को भारत के लिए अध्ययन के एक उदाहरण के तौर पर पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों ने Gaokao के लिए रजिस्ट्रेशन किया। परीक्षा देशभर में 7,981 केंद्रों पर आयोजित की गई, जहां करीब 3.48 लाख परीक्षा कक्ष और 21,000 रिजर्व रूम की व्यवस्था थी। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।

इतने बड़े स्तर की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रिपोर्ट में सुरक्षित प्रिंटिंग व्यवस्था, 24 घंटे निगरानी, प्रश्नपत्र ले जाने वाले बख्तरबंद और GPS से ट्रैक किए जाने वाले वाहनों, पुलिस सुरक्षा और निगरानी वाली सुरक्षित स्टोरेज व्यवस्था का उल्लेख है।

परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की पहचान की जांच और प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच के अलावा ट्रैफिक, शोर, भोजन, स्वास्थ्य और मौसम जैसी संभावित परिस्थितियों के लिए भी पहले से व्यवस्था की जाती है। रिपोर्ट का जोर इस बात पर है कि इतने बड़े परीक्षा तंत्र के लिए केवल परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया के हर चरण के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है।

SBI Research ने NTA को लेकर क्या सुझाव दिया?

SBI Research ने भारत की परीक्षा व्यवस्था में National Testing Agency (NTA) की भूमिका और उसके संस्थागत ढांचे पर भी चर्चा की है। रिपोर्ट के अनुसार, NTA फिलहाल Societies Registration Act, 1860 के तहत पंजीकृत सोसाइटी के रूप में काम करती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2024 तक NTA 240 से अधिक परीक्षाएं आयोजित कर चुकी थी, जिनमें कुल मिलाकर 5.4 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह आंकड़ा बताता है कि पिछले कुछ वर्षों में एजेंसी की जिम्मेदारियों का दायरा काफी बढ़ा है।

SBI Research ने NTA को मजबूत कानूनी आधार देने के लिए संसद के माध्यम से NTA Act बनाने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में एक विशेषज्ञ बोर्ड, स्थायी पेशेवर कर्मचारियों, स्वतंत्र समीक्षा व्यवस्था, उम्मीदवारों के लिए चार्टर और शिकायतों के निपटारे की मजबूत व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।

NTA के स्टाफ को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया?

SBI Research ने NTA की उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसके कर्मचारियों की संरचना का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट में 194 घोषित कर्मचारियों का आंकड़ा दिया गया है, जिनमें 171 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्चुअल या आउटसोर्स व्यवस्था के तहत थे। यानी करीब 88 प्रतिशत घोषित स्टाफ इस श्रेणी में आता है। मूल आंकड़े को कुल स्टाफ के संदर्भ में देखना जरूरी है, क्योंकि इसे पूरे NTA के सभी कर्मचारियों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा एजेंसी के बढ़ते काम और करोड़ों उम्मीदवारों से जुड़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए संस्थागत क्षमता और जवाबदेही को भी मजबूत करने की जरूरत है।

NEET UG जैसी बड़ी परीक्षा के लिए क्यों जरूरी है मजबूत व्यवस्था?

NEET UG में हर साल लाखों विद्यार्थी मेडिकल सीटों के लिए परीक्षा देते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों वाली परीक्षा में प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, तकनीकी प्रणाली, उम्मीदवारों की पहचान, परिणाम प्रक्रिया और शिकायतों का समय पर समाधान महत्वपूर्ण हो जाता है।

SBI Research की रिपोर्ट का व्यापक संदेश यही है कि भारत में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का आकार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के लिए सिर्फ बड़े पैमाने पर परीक्षा कराना ही पर्याप्त नहीं होगा। सुरक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही, स्थायी विशेषज्ञ स्टाफ और प्रभावी शिकायत निवारण जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना जरूरी है।

NEET UG का दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल होना भारत की शिक्षा व्यवस्था के विशाल आकार को दिखाता है। साथ ही, इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा के लिए मजबूत और भरोसेमंद परीक्षा तंत्र की जरूरत को भी सामने लाता है।

Raish Ahmed

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