
NEET UG 2026 Counselling: नीट यूजी में अच्छी रैंक हासिल करने के बाद ज्यादातर छात्रों का लक्ष्य सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पाना होता है। लेकिन केवल NEET रैंक के आधार पर यह तय नहीं होता कि उम्मीदवार को कौन-सा कॉलेज मिलेगा। सीट अलॉटमेंट में कैटेगरी, काउंसलिंग का कोटा, उपलब्ध सीटें, उम्मीदवार की पसंद और संबंधित राउंड में सीट की स्थिति जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।
NEET UG 2026 की MCC Round 1 Final Allotment Result जारी होने के बाद अलग-अलग रैंक पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुए सीट अलॉटमेंट की तस्वीर सामने आई है। आधिकारिक रिकॉर्ड में 10 हजार के आसपास की रैंक पर भी कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट मिलने के उदाहरण हैं। वहीं आरक्षित कैटेगरी में अधिक रैंक वाले उम्मीदवारों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकते हैं।
हालांकि, उम्मीदवारों को यह समझना जरूरी है कि किसी एक रैंक पर सीट मिलने का मतलब यह नहीं है कि अगली काउंसलिंग में भी उसी रैंक पर वही कॉलेज मिल जाएगा। हर राउंड में सीट की उपलब्धता और उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर स्थिति बदल सकती है।
10 हजार के आसपास रैंक पर सरकारी मेडिकल कॉलेज
MCC के Round 1 के आधिकारिक सीट अलॉटमेंट रिकॉर्ड में 10,002 ऑल इंडिया रैंक पर Government Medical College & Super Facility Hospital, Azamgarh में OBC कैटेगरी के उम्मीदवार को MBBS सीट मिली। इसी तरह 10,004 रैंक पर Odisha के Pt. Raghunath Murmu Medical College and Hospital, Baripada में Open General कैटेगरी के उम्मीदवार को MBBS सीट अलॉट हुई।
इसी रेंज में दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें अलॉट हुईं। उदाहरण के लिए Round 1 के रिकॉर्ड में 10,013 रैंक पर ESIC Medical College, Gulbarga में Open General सीट, 10,019 रैंक पर Government Medical College, Haldwani में EWS सीट और 10,021 रैंक पर Mahatma Gandhi Institute of Medical Sciences, Sevagram में Open General सीट का अलॉटमेंट दर्ज है।
इससे साफ है कि 10 हजार के आसपास रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों के पास सरकारी MBBS कॉलेजों के लिए कई विकल्प हो सकते हैं। लेकिन कॉलेज का चुनाव करते समय सिर्फ रैंक नहीं, बल्कि कैटेगरी और संबंधित कोटा भी देखना जरूरी है।
OBC उम्मीदवारों के लिए भी सरकारी कॉलेज के मौके
OBC-NCL उम्मीदवारों के लिए भी Round 1 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट अलॉटमेंट के कई उदाहरण सामने आए हैं। Azamgarh के Government Medical College & Super Facility Hospital में 10,002 रैंक पर OBC उम्मीदवार को सीट मिली। इसी तरह 10 हजार के आसपास की रैंक पर कई अन्य सरकारी संस्थानों में भी OBC कैटेगरी में सीटें अलॉट हुईं।
यहां उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि OBC-NCL की वैधता और प्रमाणपत्र संबंधी शर्तें MCC की काउंसलिंग गाइडलाइन के अनुसार पूरी करनी होती हैं। केवल OBC प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है, यदि उम्मीदवार संबंधित काउंसलिंग के लिए निर्धारित OBC-NCL शर्तों को पूरा नहीं करता।
SC और ST उम्मीदवारों के लिए अधिक रैंक पर भी अवसर
NEET में रैंक बढ़ने के साथ Open General कैटेगरी में सरकारी MBBS सीट हासिल करना कठिन हो सकता है। लेकिन SC, ST, OBC-NCL और EWS जैसी आरक्षित कैटेगरी में उपलब्ध सीटों के कारण अधिक रैंक पर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज का विकल्प बन सकता है।
यही वजह है कि 50 हजार, 70 हजार, 80 हजार या 1 लाख के आसपास रैंक आने पर उम्मीदवारों को काउंसलिंग से बाहर नहीं होना चाहिए। उन्हें अपनी कैटेगरी, राज्य की पात्रता और उपलब्ध AIQ या State Quota विकल्पों को देखकर कॉलेजों की सूची तैयार करनी चाहिए।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। MCC की Round 1 Allotment List सीट मिलने वाले उम्मीदवारों और कॉलेजों का रिकॉर्ड देती है, जबकि किसी कॉलेज की वास्तविक “closing rank” निकालने के लिए उस कॉलेज, कोटा और कैटेगरी के सभी संबंधित अलॉटमेंट रिकॉर्ड को देखना पड़ता है। इसलिए 1 लाख के आसपास की किसी एक रैंक को पूरे देश में सरकारी MBBS की निश्चित cutoff मानना सही नहीं होगा।
1 लाख रैंक वालों को क्या करना चाहिए?
अगर किसी उम्मीदवार की NEET UG 2026 में रैंक करीब 1 लाख है, तो उसे केवल टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी पसंद की सूची को व्यापक रखना चाहिए। नए स्थापित सरकारी मेडिकल कॉलेज, अपेक्षाकृत कम मांग वाले संस्थान और अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध AIQ सीटें विकल्प बढ़ा सकती हैं।
साथ ही, उम्मीदवार को MCC की काउंसलिंग में Choice Filling के दौरान अधिक से अधिक उपयुक्त कॉलेजों को प्राथमिकता के क्रम में रखना चाहिए। केवल कुछ लोकप्रिय कॉलेज भरने से सीट मिलने की संभावना कम हो सकती है।
MCC की वेबसाइट पर 2026 UG काउंसलिंग का Round 1 Final Allotment Result उपलब्ध है। साथ ही Round 2 की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और MCC ने Round 2 के लिए नए तथा खाली सीटों से संबंधित जानकारी भी जारी की है।
रैंक के साथ ये बातें भी जरूर देखें
NEET UG में सरकारी MBBS सीट की संभावना देखते समय उम्मीदवारों को सिर्फ अपनी AIR नहीं देखनी चाहिए। कैटेगरी, AIQ या State Quota, domicile नियम, कॉलेज की उपलब्ध सीटें और पिछले राउंड का allotment pattern भी देखना जरूरी है।
एक और बात ध्यान देने योग्य है कि AIQ और State Quota की cutoff अलग हो सकती है। MCC मुख्य रूप से All India Quota समेत कुछ विशेष संस्थानों और कोटा की काउंसलिंग करता है, जबकि 85 प्रतिशत State Quota सीटों के लिए संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी प्रक्रिया चलाती है। इसलिए किसी छात्र की राज्य कोटे में संभावना उसकी domicile eligibility के आधार पर AIQ से काफी अलग हो सकती है।
NEET UG 2026 में 10 हजार से 1 लाख तक की रैंक वाले उम्मीदवारों के लिए सरकारी MBBS कॉलेज के विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं होते। Round 1 के आधिकारिक अलॉटमेंट रिकॉर्ड में 10 हजार के आसपास की रैंक पर भी कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलने के उदाहरण मौजूद हैं। आरक्षित कैटेगरी में यह दायरा और आगे जा सकता है।
लेकिन किसी भी रैंक को पक्की admission guarantee नहीं माना जा सकता। उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी और कोटा के अनुसार MCC तथा संबंधित State Counselling Authority की ताजा seat matrix और allotment result देखकर ही कॉलेज की संभावना तय करनी चाहिए। 2026 की काउंसलिंग आगे बढ़ने के साथ सीटों की स्थिति में बदलाव भी हो सकता है।




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