NEET PG 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड में मेडिकल स्पेशलिटी कोर्सों को लेकर उम्मीदवारों के चयन का रुझान सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक रैंक वाले 501 उम्मीदवारों के सीट आवंटन में एमडी जनरल मेडिसिन सबसे आगे रहा। इनमें से 233 उम्मीदवारों को यह कोर्स मिला, जबकि 149 उम्मीदवारों को एमडी रेडियो-डायग्नोसिस यानी रेडियोलॉजी में सीट आवंटित हुई।
इस सूची में डर्मेटोलॉजी तीसरे, जनरल सर्जरी चौथे और ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी पांचवें स्थान पर रहे। शीर्ष पांच स्पेशलिटी कोर्सों में कुल 459 सीट आवंटन शामिल हैं, जो इन 501 आवंटनों का 91.6 प्रतिशत है।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले राउंड में कुल 28,723 सीटों का आवंटन हुआ। हालांकि, शीर्ष 501 आवंटनों में दिख रहा रुझान सभी उम्मीदवारों की पसंद का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं करता। यह आंकड़ा मुख्य रूप से सबसे ऊंची रैंक वाले उम्मीदवारों के चयन की तस्वीर दिखाता है।
जनरल मेडिसिन को मिले सबसे ज्यादा आवंटन
शीर्ष 501 सीट आवंटनों में एमडी जनरल मेडिसिन को 233 आवंटन मिले। यह कुल संख्या का लगभग 46.5 प्रतिशत है। दूसरे स्थान पर रही रेडियोलॉजी को 149 आवंटन मिले, जो लगभग 29.7 प्रतिशत है।
दोनों स्पेशलिटी को मिलाकर शीर्ष 501 आवंटनों में 382 सीटें शामिल हैं। यानी इस समूह के लगभग 76.2 प्रतिशत आवंटन केवल इन दो कोर्सों में हुए।
शीर्ष 501 आवंटनों में प्रमुख स्पेशलिटी
एमडी जनरल मेडिसिन 233
46.5% आवंटन
एमडी रेडियोलॉजी 149
29.7% आवंटन
एमडी डर्मेटोलॉजी 37
7.4% आवंटन
एमएस जनरल सर्जरी 25
5.0% आवंटन
एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी 15
3.0% आवंटन
स्रोत: NEET PG 2026 के पहले राउंड के शीर्ष 501 सीट आवंटनों पर आधारित प्रकाशित आंकड़े।
डर्मेटोलॉजी तीसरे और जनरल सर्जरी चौथे स्थान पर
शीर्ष 501 आवंटनों में एमडी डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोसी यानी त्वचा और उससे जुड़ी बीमारियों के उपचार के कोर्स में 37 उम्मीदवारों को सीट मिली। यह तीसरे स्थान पर रहा।
इसके बाद एमएस जनरल सर्जरी में 25 और एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी यानी प्रसूति एवं स्त्री रोग में 15 आवंटन हुए। इस तरह ये दोनों कोर्स क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
अन्य कोर्सों में एमडी न्यूक्लियर मेडिसिन के लिए 9, एमडी पीडियाट्रिक्स यानी बाल चिकित्सा के लिए 7 और एमएस ऑर्थोपेडिक्स के लिए 6 आवंटन दर्ज किए गए। शीर्ष पांच कोर्सों के अलावा शेष 42 आवंटन नौ अन्य कोर्स श्रेणियों में बंटे हुए थे।
NEET PG काउंसलिंग से किन कोर्सों में मिलता है दाखिला?
NEET PG यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (पोस्टग्रेजुएट) मेडिकल स्नातकों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा है। इसे नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) आयोजित करता है। इसके स्कोर का इस्तेमाल पात्र उम्मीदवारों को विभिन्न पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सों में दाखिला देने के लिए किया जाता है।
इनमें एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन), एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी), पीजी डिप्लोमा और डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) जैसे कोर्स शामिल हैं। सीटों का आवंटन संबंधित काउंसलिंग प्रक्रिया और उम्मीदवारों की रैंक, पात्रता, श्रेणी, उपलब्ध सीटों तथा भरी गई पसंद के आधार पर होता है।
MCC अखिल भारतीय कोटा, केंद्रीय संस्थानों, डीम्ड विश्वविद्यालयों और संबंधित डीएनबी सीटों सहित अपने दायरे में आने वाली सीटों के लिए काउंसलिंग कराती है। राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी प्रक्रिया संचालित करती है।
क्या जनरल मेडिसिन सबसे बेहतर विकल्प है?
शीर्ष रैंक वाले उम्मीदवारों के बीच जनरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी की लोकप्रियता यह दिखाती है कि इन स्पेशलिटी में काफी रुचि है। लेकिन केवल सीट आवंटन के आंकड़ों के आधार पर किसी कोर्स को हर उम्मीदवार के लिए सबसे अच्छा नहीं माना जा सकता।
जनरल मेडिसिन में विभिन्न बीमारियों की पहचान, इलाज और मरीजों की लंबे समय तक देखभाल पर ध्यान दिया जाता है। रेडियोलॉजी में एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के जरिए बीमारियों की पहचान करने में विशेषज्ञता हासिल की जाती है। डर्मेटोलॉजी में त्वचा, बाल और नाखूनों से जुड़ी समस्याओं का उपचार किया जाता है, जबकि जनरल सर्जरी में ऑपरेशन के जरिए कई तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता है।
उम्मीदवारों को अपनी रुचि, प्रशिक्षण के अवसर, अस्पताल में काम की प्रकृति, भविष्य में विशेषज्ञता की संभावनाओं और उपलब्ध सीटों को ध्यान में रखकर विकल्प चुनना चाहिए।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सीट आवंटन का मतलब हमेशा उम्मीदवार की पहली पसंद मिलना नहीं होता। काउंसलिंग में उम्मीदवारों को उनकी रैंक, भरी गई पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर आवंटन मिलता है। इसलिए शीर्ष 501 आवंटनों का रुझान सभी रैंक के उम्मीदवारों की पसंद या पूरे मेडिकल क्षेत्र में भविष्य की मांग का अंतिम संकेत नहीं है।




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