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यूनानी डॉक्टर बनने के लिए ज़रूरी है BUMS कोर्स, जानें एडमिशन से लेकर करियर तक की हर जानकारी

भारत में यूनानी चिकित्सा एक पारंपरिक, असरदार और लोकप्रिय उपचार पद्धति है, जिसकी जड़ें प्राचीन यूनान (ग्रीस) से जुड़ी हैं। यह चिकित्सा प्रणाली शरीर के चार प्रमुख तत्वों – खून, बलगम (mucus), पित्त (bile), और काला पित्त (black bile) – के संतुलन पर आधारित है। यूनानी डॉक्टर इन तत्वों का संतुलन बनाए रखने के लिए हर्बल दवाएं, खानपान में सुधार और जीवनशैली से जुड़ी सलाह देते हैं।

अगर आप भी यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको एक तय शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। आइए जानते हैं यूनानी डॉक्टर बनने की पूरी यात्रा, जरूरी योग्यता, कोर्स की जानकारी और करियर विकल्प।

यूनानी डॉक्टर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता
– सबसे पहले, 12वीं कक्षा (PCB – फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) से पास होना जरूरी है।
– न्यूनतम 50% अंक और बायोलॉजी विषय अनिवार्य होता है।
– इसके बाद, छात्रों को BUMS (Bachelor of Unani Medicine and Surgery) कोर्स में दाखिला लेना होता है।

क्या होता है BUMS कोर्स?
यह कोर्स यूनानी चिकित्सा का मुख्य अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जो 5 साल 6 महीने का होता है। इसमें 4.5 साल की थ्योरी और प्रैक्टिकल पढ़ाई होती है, और फिर एक साल का इंटर्नशिप होता है, जिसमें छात्र मरीजों का इलाज करके अनुभव प्राप्त करता है।

BUMS कोर्स में छात्रों को यूनानी चिकित्सा पद्धति के आधारभूत सिद्धांतों, शरीर रचना विज्ञान (एनाटमी), निदान (Diagnosis), यूनानी दवाइयों की जानकारी, नाड़ी परीक्षण (Pulse testing), यूनानी फार्मेसी और हर्ब्स के उपयोग के बारे में सिखाया जाता है। इसके अलावा, इस कोर्स में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की भी समझ दी जाती है ताकि डॉक्टर को दोनों चिकित्सा पद्धतियों का सही ज्ञान हो।

BUMS में दाखिला कैसे लें?
NEET (National Eligibility cum Entrance Test) पास करना अनिवार्य है। अच्छे स्कोर के आधार पर सरकारी और निजी यूनानी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है।

प्रमुख यूनानी मेडिकल कॉलेज
– अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
– जामिया हमदर्द, दिल्ली
– मौलाना आजाद यूनानी मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद
– राज्य यूनानी कॉलेज, प्रयागराज
– टिब्बिया कॉलेज, पटना

यूनानी चिकित्सा में करियर के अवसर
1. निजी प्रैक्टिस या क्लिनिक खोलना
राज्य चिकित्सा परिषद से लाइसेंस लेकर आप खुद का क्लिनिक शुरू कर सकते हैं।

2. सरकारी और निजी अस्पतालों में नौकरी
अस्पतालों में यूनानी डॉक्टर के रूप में कार्य करने के अनेक अवसर होते हैं।

3. शिक्षण और शोध
यूनानी कॉलेजों में प्रोफेसर या लेक्चरर बन सकते हैं, साथ ही रिसर्च में भी करियर बना सकते हैं।

4. सरकारी योजनाओं में भागीदारी
आयुष मंत्रालय और अन्य स्वास्थ्य संगठनों के तहत विभिन्न योजनाओं में यूनानी डॉक्टरों की ज़रूरत होती है।

5. यूनानी फार्मा इंडस्ट्री
यूनानी दवाओं के उत्पादन, रिसर्च, मार्केटिंग और गुणवत्ता नियंत्रण में भी अच्छे करियर विकल्प मौजूद हैं।

यूनानी चिकित्सा न सिर्फ एक समृद्ध और ऐतिहासिक चिकित्सा पद्धति है, बल्कि इसके ज़रिए आप एक सम्मानजनक और संतोषजनक करियर भी बना सकते हैं। अगर आपकी रुचि प्राकृतिक उपचार, हर्बल दवाओं और स्वास्थ्य सेवा में है, तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

 

 

Asmita Sarkar

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