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डायबिटीज की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए पांच जरूरी टिप्स, शुगर रहेगा कंट्रोल

डायबिटीज आज के समय की एक गंभीर और लगातार बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो अब केवल उम्रदराज़ लोगों तक सीमित नहीं रही। हालिया रिपोर्ट्स में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बच्चे भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है, जो समय के साथ आंखों, किडनी, दिल और तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर डालता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों को अपनी दिनचर्या और खान-पान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लापरवाही गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है, जिसमें हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर शामिल हैं।

भारत में डायबिटीज की भयावह तस्वीर
इंडियन डायबिटीज फेडरेशन (IDF) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस समय लगभग 89.8 मिलियन (करीब 9 करोड़) लोग मधुमेह से जूझ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि 2050 तक यह आंकड़ा 156 मिलियन (15.6 करोड़) तक पहुंच सकता है—यानी 73% की वृद्धि। रिपोर्ट ये भी कहती है कि 25.2 करोड़ लोगों को अभी तक यह पता ही नहीं है कि वे डायबिटिक हैं, जिससे उनकी हालत और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

डायबिटीज से कैसे बचें: स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को डायबिटीज से बचाने के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है:
– मीठे और शुगर-युक्त खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन कम करें
– तंबाकू और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं
– नियमित शारीरिक व्यायाम करें — यह शुगर कंट्रोल के लिए बेहद ज़रूरी है
– फल और सब्जियां अधिक खाएं, खासकर फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ
– वजन नियंत्रित रखें — मोटापा डायबिटीज का बड़ा कारक है

डाइट का डायबिटीज पर गहरा असर
डायबिटीज को नियंत्रित करने में संतुलित आहार की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो, जैसे- ओट्स, साबुत अनाज, 
दालें आदि। 

फाइबर युक्त फल और सब्जियां
इनका सेवन फायदेमंद माना गया है। साथ ही, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित और संतुलित रखना भी जरूरी है ताकि शुगर स्पाइक्स से बचा जा सके।

शोध बताते हैं कि प्रोटीन और फाइबर युक्त आहार ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, जिससे शरीर को समय मिलता है उसे नियंत्रित करने का।

सक्रिय जीवनशैली भी है जरूरी
खानपान के साथ-साथ शारीरिक रूप से सक्रिय रहना भी उतना ही जरूरी है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट का मध्यम-तीव्रता वाला व्यायाम — जैसे तेज चलना, दौड़ना, साइकिलिंग या तैराकी — ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है।

डायबिटीज भले ही एक गंभीर बीमारी हो, लेकिन सही जानकारी, नियमित जांच, संतुलित खानपान और सक्रिय जीवनशैली के जरिए इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। जितनी जल्दी आप सावधान होंगे, उतनी ही बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।

Asmita Sarkar

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