
अधिकांश छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर 12वीं में बायोलॉजी चुनते हैं, लेकिन नीट-यूजी परीक्षा पास कर पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। वहीं, कई छात्रों को बायोलॉजी की पढ़ाई भी कठिन लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिना बायोलॉजी पढ़े मेडिकल फील्ड में करियर बनाया जा सकता है? इसका जवाब है—हाँ। छात्र नर्सिंग कोर्सेज के जरिए मेडिकल सेक्टर में एंट्री पा सकते हैं।
साइंस नहीं, आर्ट्स से भी बना सकते हैं नर्सिंग करियर
नर्सिंग के लिए केवल साइंस लेना जरूरी नहीं है। आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र भी ANM (Auxiliary Nurse Midwifery) और GNM (General Nursing and Midwifery) जैसे कोर्स करके अस्पतालों और हेल्थकेयर सेक्टर में नौकरी पा सकते हैं।
ANM कोर्स (Auxiliary Nurse Midwifery)
अवधि: 2 साल का डिप्लोमा कोर्स
ट्रेनिंग: सहायक नर्स और मिडवाइफ के रूप में
फीस: लगभग ₹10,000 से ₹60,000 तक
योग्यता: 12वीं पास (आर्ट्स या साइंस, अंग्रेजी विषय सहित)
आयु सीमा: 17 से 35 वर्ष
GNM कोर्स (General Nursing and Midwifery)
अवधि: 3.5 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम
करियर: अस्पतालों, क्लीनिक्स और हेल्थकेयर संस्थानों में नौकरी
फीस: लगभग ₹20,000 से ₹1,50,000 तक (संस्थान पर निर्भर)
योग्यता: 12वीं पास (अंग्रेजी विषय सहित, न्यूनतम 40% अंक)
आयु सीमा: 17 से 35 वर्ष
नर्सिंग कोर्स क्यों चुनें?
ANM और GNM कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनके जरिए जल्दी रोजगार मिल जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद आप सरकारी अस्पताल, प्राइवेट हेल्थकेयर सेटअप या नर्सिंग होम्स में काम शुरू कर सकते हैं। अगर आप 12वीं पूरी कर चुके हैं, चाहे आर्ट्स से ही क्यों न हों, नर्सिंग आपके लिए मेडिकल फील्ड में करियर बनाने का बेहतरीन विकल्प है।




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