
National Testing Agency द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 में इस साल भी रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश से रजिस्ट्रेशन कराने वाले उम्मीदवारों में करीब 41 प्रतिशत छात्र केवल चार राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार—से रहे।
इस वर्ष NEET UG 2026 के लिए लगभग 22.7 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह देशभर में उपस्थिति दर 96.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसे इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा के लिए काफी मजबूत माना जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश इस बार भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सबसे आगे रहा। राज्य से करीब 3.6 लाख छात्रों को परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए, जो पूरे देश में सबसे अधिक संख्या है। इससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य में मेडिकल शिक्षा और MBBS करियर को लेकर युवाओं के बीच जबरदस्त रुचि बनी हुई है।
महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां से लगभग 2.2 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। राजस्थान से करीब 2 लाख और बिहार से लगभग 1.5 लाख उम्मीदवार परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बने। केवल इन चार राज्यों के उम्मीदवारों की संख्या ही देश के कुल अभ्यर्थियों का बड़ा हिस्सा बन गई।
इसके अलावा कई अन्य बड़े राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कर्नाटक और बिहार दोनों से 1.5 लाख से अधिक उम्मीदवार सामने आए। तमिलनाडु से करीब 1.4 लाख, मध्य प्रदेश से लगभग 1.2 लाख, केरल से 1.1 लाख और पश्चिम बंगाल से करीब 1 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। आंकड़े बताते हैं कि देश के शीर्ष 9 राज्यों से ही 17 लाख से ज्यादा उम्मीदवार आए, जो कुल परीक्षार्थियों का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है।
दूसरी तरफ छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में NEET के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या काफी कम रही। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5,000 से भी कम छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी, कोचिंग सुविधाएं, मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता और प्रतियोगी माहौल जैसे कारण अलग-अलग राज्यों में NEET की भागीदारी को प्रभावित करते हैं।
उपस्थिति के मामले में भी इस साल छात्रों का रुझान काफी मजबूत रहा। कुल 22.7 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों में से केवल करीब 69,976 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। यानी अधिकांश उम्मीदवार अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे।
राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो गुजरात ने उपस्थिति प्रतिशत में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां 98.1 प्रतिशत छात्र परीक्षा में शामिल हुए। पुडुचेरी में 98 प्रतिशत और राजस्थान में 97.9 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश की उपस्थिति दर 97.5 प्रतिशत और महाराष्ट्र की 97.4 प्रतिशत रही।
हालांकि कुछ राज्यों में उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। केरल में 94.4 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जो बड़े राज्यों में सबसे कम मानी जा रही है। वहीं असम में 95.1 प्रतिशत और तमिलनाडु में 95.9 प्रतिशत छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NEET अब केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं रह गई है, बल्कि यह देश में मेडिकल करियर को लेकर युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं की तस्वीर भी पेश करती है। लगातार बढ़ती उम्मीदवार संख्या यह दिखाती है कि डॉक्टर बनने का सपना अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक तेजी से पहुंच चुका है।




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