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हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने वालों के लिए बड़ा मौका, IP यूनिवर्सिटी ने शुरू किए 7 नए कोर्स

हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने वालों के लिए बड़ा मौका, IP यूनिवर्सिटी ने शुरू किए 7 नए कोर्स

हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने वालों के लिए बड़ा मौका, IP यूनिवर्सिटी ने शुरू किए 7 नए कोर्स

दिल्ली की प्रमुख स्टेट यूनिवर्सिटी गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय यानी Guru Gobind Singh Indraprastha University (IP University) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए 7 नए पैरामेडिकल और हेल्थकेयर कोर्स शुरू किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। इन नए कोर्सों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक हेल्थकेयर सिस्टम की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करना है।

देशभर में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इमरजेंसी मेडिकल केयर, क्लिनिकल साइकोलॉजी, स्पीच थेरेपी और एपिडेमियोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस किया है। विश्वविद्यालय का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

आवेदन प्रक्रिया शुरू, 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

IP यूनिवर्सिटी ने इन सभी कोर्सों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक छात्र यूनिवर्सिटी की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट IPU Admissions Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इन कोर्सों में आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 मई तय की गई है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, सभी कार्यक्रम छात्रों को अस्पतालों, क्लिनिक्स, रिहैबिलिटेशन सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने के लिए तैयार करेंगे।

कौन-कौन से नए कोर्स शुरू हुए?

IP यूनिवर्सिटी द्वारा शुरू किए गए नए कोर्सों में हेल्थकेयर और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोग्राम शामिल हैं। इनमें BSc Clinical Psychology (Honours), Bachelor of Science in Emergency Medical and Trauma Technology (BSc EMTT), Epidemic Intelligence Service (EIS) और Master in Applied Epidemiology जैसे कोर्स शामिल हैं।

इसके अलावा MA Clinical Psychology, Post Graduate Diploma in Rehabilitation Psychology (PGDRP), MSc Speech Language Pathology (MSc SLP) और Bachelor of Optometry जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये कोर्स छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी देंगे, जिससे वे सीधे हेल्थकेयर इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार काम कर सकें।

कितनी है आवेदन फीस?

यूनिवर्सिटी की गाइडलाइंस के अनुसार, छात्रों को आवेदन फॉर्म भरने के लिए 2500 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। अगर कोई छात्र एक से अधिक कोर्स में आवेदन करना चाहता है, तो उसे हर कोर्स के लिए अलग-अलग आवेदन शुल्क जमा करना होगा।

क्यों बढ़ रही है इन कोर्सों की मांग?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में इमरजेंसी हेल्थकेयर, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, स्पीच थेरेपी और रिहैबिलिटेशन साइंस जैसे क्षेत्रों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य मामलों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की मांग ने इन क्षेत्रों को पहले से अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।

इमरजेंसी मेडिकल एंड ट्रॉमा टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स छात्रों को ट्रॉमा रिस्पॉन्स और इमरजेंसी हेल्थ सिस्टम में काम करने के लिए तैयार करेंगे। वहीं क्लिनिकल साइकोलॉजी और रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी प्रोग्राम मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़े मरीजों की सहायता पर केंद्रित होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में पैरामेडिकल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की मांग और तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में IP यूनिवर्सिटी की यह पहल छात्रों के लिए नए करियर विकल्प खोल सकती है।

Asmita Sarkar

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