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ADHD से जूझ रहे युवाओं में बढ़ सकता है मोटापा और हाई BP का खतरा, अध्ययन में बड़ा खुलासा

ADHD से जूझ रहे युवाओं में बढ़ सकता है मोटापा और हाई BP का खतरा, अध्ययन में बड़ा खुलासा

ADHD से जूझ रहे युवाओं में बढ़ सकता है मोटापा और हाई BP का खतरा, अध्ययन में बड़ा खुलासा

ध्यान की कमी और अत्यधिक सक्रियता यानी Attention Deficit Hyperactivity Disorder (ADHD) से पीड़ित युवाओं में पेट के आसपास मोटापा बढ़ने और आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक हो सकता है। यह जानकारी Dr. Ram Manohar Lohia Hospital और Atal Bihari Vajpayee Institute of Medical Sciences द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आई है।

यह अध्ययन खास तौर पर संयुक्त प्रकार के ADHD से प्रभावित युवाओं पर केंद्रित था। शोध में पाया गया कि ऐसे युवाओं में कमर के आसपास चर्बी बढ़ने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक है। अध्ययन के मुताबिक, इन युवाओं में कमर की चौड़ाई बढ़ने की संभावना लगभग 2.4 गुना अधिक देखी गई, जबकि वेस्ट-हाइट रेशियो बढ़ने का जोखिम करीब 1.9 गुना ज्यादा पाया गया।

उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है खतरा

शोधकर्ताओं ने बताया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, ADHD और मोटापे के बीच संबंध और मजबूत होता जाता है। हालांकि अध्ययन में हाई ब्लड प्रेशर के साथ सीधा सांख्यिकीय संबंध स्पष्ट नहीं मिला, लेकिन ADHD से प्रभावित युवाओं में उम्र के साथ ब्लड प्रेशर बढ़ने का रुझान जरूर देखा गया।

यह अध्ययन दिल्ली-एनसीआर के युवा वयस्कों, विशेषकर कॉलेज छात्रों, पर किया गया था। शोध को American Journal of Human Biology में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में युवाओं के बीच प्री-हाइपरटेंशन और सेंट्रल ओबेसिटी पहले से ही बड़ी चिंता बन चुके हैं।

खराब जीवनशैली बना रही स्थिति गंभीर

अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञ और आरएमएल अस्पताल के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर Dr. Lokesh Shekhawat के अनुसार, ADHD से प्रभावित लोगों में बिना सोचे-समझे तुरंत प्रतिक्रिया देने और आवेगपूर्ण व्यवहार की समस्या अधिक होती है। इसका असर उनकी दिनचर्या और खानपान पर भी पड़ता है।

उन्होंने बताया कि ऐसे युवा अक्सर जंक फूड ज्यादा खाते हैं, शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं और स्क्रीन टाइम अधिक होने के कारण असंतुलित जीवनशैली की ओर बढ़ जाते हैं। यही आदतें मोटापा और भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाती हैं।

समय पर पहचान और काउंसलिंग जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ADHD की समय रहते पहचान कर उसका सही प्रबंधन किया जाए तो मोटापा और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉ. शेखावत ने युवाओं को नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराने, संतुलित भोजन लेने और रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी है। साथ ही यदि किसी को लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, अत्यधिक बेचैनी या हाइपर एक्टिविटी जैसी समस्याएं महसूस हों तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की जरूरत है।

शहरी जीवनशैली भी बन रही वजह

अध्ययन में यह भी सामने आया कि दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में बढ़ता तनाव, अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अब मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता से लेने की जरूरत है जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को दी जाती है।

Asmita Sarkar

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