Edinbox Hindi
सोशल मीडिया पर दिखने वाले Ads कितने भरोसेमंद? ASCI रिपोर्ट में Meta और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर बड़े खुलासे

सोशल मीडिया पर दिखने वाले Ads कितने भरोसेमंद? ASCI रिपोर्ट में Meta और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर बड़े खुलासे

सोशल मीडिया पर दिखने वाले Ads कितने भरोसेमंद? ASCI रिपोर्ट में Meta और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर बड़े खुलासे

अगर आप सोशल मीडिया, यूट्यूब या इंटरनेट का नियमित इस्तेमाल करते हैं, तो हर दिन आपके सामने दर्जनों विज्ञापन आते होंगे। इनमें से कई विज्ञापन ऐसे होते हैं जो बड़े-बड़े दावे करते हैं, चमत्कारी रिजल्ट दिखाते हैं या कम समय में ज्यादा फायदा देने का वादा करते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने डिजिटल विज्ञापनों की सच्चाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे भ्रामक और नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट और सोशल मीडिया अब गलत और गुमराह करने वाले विज्ञापनों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुके हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन

ASCI की जांच में कुल 9,611 ऐसे विज्ञापन पाए गए जो विज्ञापन नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 97.36 प्रतिशत भ्रामक विज्ञापन डिजिटल मीडिया पर मिले। इसके मुकाबले टीवी पर केवल 2.04 प्रतिशत और प्रिंट मीडिया में सिर्फ 0.26 प्रतिशत मामले सामने आए। इससे साफ संकेत मिलता है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापनों की निगरानी अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है।

Meta प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा भ्रामक Ads

रिपोर्ट में Meta के प्लेटफॉर्म्स फेसबुक और इंस्टाग्राम को लेकर भी बड़ी बात सामने आई है। ASCI के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिले कुल भ्रामक विज्ञापनों में करीब 79.84 प्रतिशत विज्ञापन Meta प्लेटफॉर्म्स पर पाए गए।

वहीं, गूगल के प्लेटफॉर्म्स, जिनमें यूट्यूब भी शामिल है, पर ऐसे विज्ञापनों की हिस्सेदारी लगभग 3.59 प्रतिशत रही। इसके अलावा अन्य वेबसाइट्स पर करीब 13 प्रतिशत भ्रामक विज्ञापन मिले।

यह आंकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन उनके कंटेंट की निगरानी और जवाबदेही को लेकर अभी भी बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।

सबसे ज्यादा शिकायतें बेटिंग और सट्टेबाजी विज्ञापनों से

ASCI ने इस साल कुल 11,581 विज्ञापनों की समीक्षा की, जो पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा नियम उल्लंघन ऑफशोर बेटिंग और सट्टेबाजी से जुड़े विज्ञापनों में पाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार सट्टेबाजी से जुड़े 6,933 मामलों में नियमों का उल्लंघन मिला। इसके बाद रियल एस्टेट सेक्टर में 643 और पर्सनल केयर सेक्टर में 576 मामले सामने आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन बेटिंग और तेजी से पैसा कमाने के दावे करने वाले विज्ञापन युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं।

75 प्रतिशत विज्ञापनों में नुकसानदायक प्रोडक्ट्स का प्रचार

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब 75 प्रतिशत विज्ञापनों में ऐसे प्रोडक्ट्स को प्रमोट किया गया जो लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। वहीं, 27 प्रतिशत विज्ञापनों में ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों का इस्तेमाल किया गया।

ASCI की सख्ती के बाद इनमें से लगभग 98 प्रतिशत विज्ञापनों को हटाना या मॉडिफाई करना पड़ा। यह दिखाता है कि निगरानी बढ़ने पर कंपनियों को अपने विज्ञापनों में बदलाव करना पड़ रहा है।

क्या बोले ASCI चेयरमैन?

ASCI के चेयरमैन सुधांशु वत्स ने रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ा-चढ़ाकर दावे करना, फर्जी वैज्ञानिक प्रमाण दिखाना और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए गलत प्रचार करना तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया की तेज रफ्तार और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अब यह बेहद जरूरी हो गया है कि ऑनलाइन विज्ञापनों के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए।

क्यों जरूरी है सतर्क रहना?

विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर दिखने वाले हर विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। खासकर हेल्थ, निवेश, बेटिंग, स्किन केयर और तेजी से कमाई से जुड़े विज्ञापनों को लेकर सावधानी जरूरी है।

किसी भी प्रोडक्ट या सेवा को खरीदने से पहले उसकी जानकारी जांचना, रिव्यू पढ़ना और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी हो गया है। क्योंकि डिजिटल विज्ञापन अब सिर्फ मार्केटिंग का माध्यम नहीं रहे, बल्कि लोगों के फैसलों और खर्च करने की आदतों को भी प्रभावित कर रहे हैं।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed