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बायजूस पर मंडरा रहा बंद होने का संकट, कंपनी के खिलाफ शुरू होगी दिवालिया कार्रवाई 

कभी सबसे मूल्यवान एडटेक स्टार्टअप रही बायजूस पर अब पूरी तरह बंद होने का संकट मंडरा रहा है। कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर याचिका में शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजूस के संस्थापक एवं सीईओ आर रविंद्रन ने आशंका जताई है कि अगर कंपनी पर दिवालिया की कार्रवाई हुई, तो इसके पूरी तरह से शटडाउन होने का खतरा है। दरअसल, कंपनी के पूर्व मैनेजमेंट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है। ट्रिब्यूनल बायजूस की अपील पर 22 जुलाई को सुनवाई कर सकती है।

वहीं, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 158.9 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की याचिका पर भी बायजू के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दी है। रवींद्रन ने इसके खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने बीते 16 जुलाई को भी एडटेक कंपनी बायजूस के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की याचिका स्वीकार की है। ये मामला भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी के लिए बायजूस और क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के बीच स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है।

रवींद्रन द्वारा कर्नाटक हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि दिवालिया कार्यवाही चलती रही तो कंपनी के हजारों कर्मियों को नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा। इससे शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी की सेवाएं पूरी तरह बंद हो जाएगी। रवींद्रन के काउंसिल एमजेडएम लीगल ने 452 पेज की याचिका में कहा, दिवालिया कार्यवाही की वजह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के मेंटेनेंस के लिए बायजू को सेवा देने वाले वेंडर को भी डिफॉल्टर घोषित करना होगा। इससे सारा ऑपरेशन ठप हो जाएगा। दिवालिया कार्यवाही शुरू होने के साथ बायजू की संपत्तियां अटैच कर ली गई हैं। इसके बोर्ड को भी निलंबित कर दिया गया है। बायजू के पास अभी 27 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें 16,000 शिक्षक शामिल हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट मामले की सुनवाई सोमवार को करेगा। 

बता दें कि 2019 में बायजूस ने क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ 3 साल की टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप डील साइन की थी। इसके तहत एक मैच के लिए बायजूस क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को 4।6 करोड़ देती थी। हालांकि, माली हालत खराब होने के कारण बायजूस क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को स्पॉन्सरशिप की रकम नहीं दे पा रही थी। ऐसे में क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 158 करोड़ रुपये का बकाया रकम वसूलने के लिए बायजूस की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पिछले साल याचिका दायर की थी।  हालांकि खबर मिली है कि बायजूस मामला सुलझाने के लिए BCCI से बात कर रहा है। रवींद्रन ने 90 दिनों के भीतर बकाया भुगतान की इच्छा जताई है।

पिछले साल जनवरी में बायजूस ने BCCI को 143 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भुनाने की अनुमति दी थी। वर्तमान में बायजूस पर बकाया राशि 158.9 करोड़ रुपए है। BCCI की ओर से 8 सितंबर 2023 को दायर किया गया मामला 28 नवंबर को सुनवाई के लिए आया था।

NCLT की बेंगलुरु बेंच ने याचिका मंजूर करते हुए कहा कि BCCI और बायजूस के बीच ई-मेल ट्रेल से यह साफ है कि थिंक एंड लर्न ने डिफॉल्ट किया है। बेंच ने पंकज श्रीवास्तव को इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त किया है। उन्हें नियुक्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर क्रेडिटर्स की एक कमेटी बनानी होगी।

आदेश में दी गई जानकारी के अनुसार, थिंक एंड लर्न ने इंडियन क्रिकेट टीम के कई इंटरनेशनल टूर और सीरीज के बाद BCCI की ओर से भेजे किए गए कुल 12 इनवॉइस (बिल) पर डिफॉल्ट किया। BCCI ने बताया कि बायजूस ने पहली बार 21 अगस्त 2022 को डिफॉल्ट किया था।

इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के मुताबिक, कंपनी का कंट्रोल अब मौजूदा मैनेजमेंट से क्रेडिटर्स (जिनका पैसा बकाया है) को मिलेगा। वहीं, कंपनी के कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में रहने के दौरान बायजूस के कोई भी एसेट ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे।

कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन या बोर्ड का कोई भी सदस्य इस आदेश के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है। ये भी बता दें कि पहली ही सुनवाई में NCLT ने बायजूस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

बीते दिनों इन्वेस्टमेंट फर्म प्रोसस ने बायजूस में अपने निवेश को राइटऑफ कर लिया था। यानी निवेशक ने मान लिया था कि बायजूस में उसका करीब 4,115 करोड़ रुपए का निवेश डूब गया। एडटेक कंपनी में उसकी 9.6% हिस्सेदारी थी। इन्वेस्टर ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी थी।

ऐसे में एडटेक कंपनी बायजूस के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू करने के लिए याचिका स्वीकार किये जाने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब बायजूस के खिलाफ दिवालिया की कार्रवाई शुरू होगी ? और अगर ऐसा हुआ तो क्या कंपनी पूरी तरह से शटडाउन हो जाएगी यानि बंद हो जाएगी ? बायजूस के सीईओ आर रविंद्रन तो यही आशंका जता रहे हैं कि अगर कंपनी पर दिवालिया की कार्रवाई हुई, तो इसके पूरी तरह से शटडाउन होने का खतरा है।

 

Asmita Sarkar

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