भारत में एजुकेशन टेक्नोलॉजी यानी एडटेक सेक्टर तेजी से बदल रहा है। अब कंपनियों का ध्यान केवल ऑनलाइन कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित नहीं है। स्कूल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोजगार से जुड़ी स्किल्स जैसे क्षेत्रों में भी रुचि बढ़ रही है। कंपनियां ऐसे शिक्षार्थियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जिन्हें पढ़ाई के अलग-अलग स्तरों पर बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और करियर से जुड़ी मदद की जरूरत है।
डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म अब पढ़ाई को रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने के नए तरीके भी तलाश रहे हैं। हालांकि, नए क्षेत्रों में विस्तार के लिए तकनीक, पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और शिक्षण संसाधनों में निवेश करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की जरूरतों को समझना भी जरूरी है।
Rojgar With Ankit जुटाने जा रहा है पहला संस्थागत निवेश
संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अंकित भाटी के नेतृत्व वाला प्लेटफॉर्म Rojgar With Ankit (RWA) अपने पहले संस्थागत फंडिंग राउंड के लिए वेंचर कैपिटल निवेशकों के साथ बातचीत कर रहा है। कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित विस्तार योजना में K-12 शिक्षा, JEE, NEET, UPSC, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि, निवेश को लेकर बातचीत अभी जारी है।
RWA अब तक मुख्य रूप से सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित रहा है। इसके प्रमुख क्षेत्रों में SSC, रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवाओं, पुलिस और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी शामिल है।
अब कंपनी अपनी सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रही है। इसके तहत स्कूली विद्यार्थियों, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों तथा रोजगार से जुड़ी स्किल्स सीखने के इच्छुक लोगों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
शिक्षा में AI और रोजगार से जुड़ी स्किल्स पर बढ़ रहा जोर
भारत में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी प्रयास कर रही है। शिक्षा मंत्रालय की 2025-26 की पहल में शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है।
स्किल डेवलपमेंट भी शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षा मंत्रालय का SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कोर्स उपलब्ध कराता है, ताकि विद्यार्थियों और अन्य शिक्षार्थियों की रोजगार पाने की क्षमता बेहतर हो सके। इसमें विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के साथ-साथ दूसरे शैक्षणिक क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी अवसर शामिल हैं।
ऐसे माहौल में स्कूल शिक्षा, प्रवेश परीक्षाओं और रोजगार से जुड़ी स्किल्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की कोशिश एडटेक कंपनियों के लिए विस्तार का नया रास्ता बन सकती है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कोर्स की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की जरूरतों के बीच कितना अच्छा तालमेल बनाया जाता है।
EBITDA पॉजिटिव है कंपनी, विस्तार के लिए जुटाएगी पूंजी
RWA का कहना है कि कंपनी EBITDA के स्तर पर सकारात्मक स्थिति में है। EBITDA का अर्थ ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई से है। कंपनी अब अपने अगले विकास चरण को आगे बढ़ाने के लिए बाहरी निवेश पर विचार कर रही है।
प्रस्तावित फंडिंग का इस्तेमाल तकनीक विकसित करने, शैक्षणिक सामग्री तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने, नए उत्पाद विकसित करने और शिक्षा के अतिरिक्त क्षेत्रों में विस्तार के लिए किया जा सकता है।
कंपनी के अनुसार, उसने इससे पहले किसी संस्थागत फंडिंग राउंड के बिना अपना कारोबार विकसित किया है। ऐसे में नया निवेश उसके लिए संस्थागत पूंजी जुटाने की दिशा में एक अहम बदलाव हो सकता है। हालांकि, कंपनी कितनी राशि जुटाना चाहती है और संभावित निवेश की शर्तें क्या होंगी, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
RWA के विस्तार की राह में क्या होंगी चुनौतियां?
स्कूल शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं और AI आधारित स्किल्स तक विस्तार करने के लिए अलग-अलग तरह की शैक्षणिक जरूरतों को समझना होगा। स्कूली विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित सामग्री तैयार करना, JEE और NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराना और रोजगार से जुड़ी स्किल्स सिखाना अलग-अलग विशेषज्ञता की मांग करता है।
इसके लिए तकनीकी सुविधाओं, शिक्षण सामग्री और योग्य शिक्षकों में निवेश के साथ-साथ विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अनुभव देना भी जरूरी होगा। कंपनी को अपने मौजूदा परीक्षा-तैयारी कारोबार को बनाए रखते हुए नए क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा।
फिलहाल, Rojgar With Ankit की फंडिंग से जुड़ी बातचीत जारी है। निवेशकों के साथ चर्चा का क्या नतीजा निकलता है और कंपनी अपनी विस्तार योजना को किस तरह लागू करती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।




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