Edinbox Hindi

पढ़ने-पढ़ाने के तरीके को हमेशा के लिए बदलने आ गया टेकबुक 

समय के साथ पढ़ाई के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। पढ़ने-पढ़ाने में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एंट्री हो गई है। अब AI के जरिए भी छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में भारत की सबसे बड़ी स्कूल एडटेक कंपनी लीड ग्रुप ने टेकबुक लॉन्च किया है। ये पारंपरिक पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा से हटकर बिल्कुल नए तरीके का एजुकेशन सिस्टम है। हाल ही में इसे लॉन्च किया गया है। 

स्कूली छात्रों की पठन-पाठन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए टेकबुक तीन अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और एनसीएफ के अनुकूल पाठ्यक्रम लेकर आया है। टेकबुक आवश्यकताओं के अनुरूप संवादपरक पठन-पाठन का अनुभव पेश कर पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं को तोड़ता है। अलग-अलग समझ के स्तर वाली कक्षाओं में, टेकबुक हर छात्र के लिए निर्देश को व्यक्तिगत ज़रूरत के अनुरूप ढालता है।

लीड समूह के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी सुमीत मेहता कहते हैं, “सदियों से कक्षा में पढ़ाई के लिहाज़ से पाठ्यपुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जबकि एआई और एआर/वीआर ने दुनिया भर में उद्योगों में व्यक्तिगत ज़रूरत के अनुरूप मल्टी-मॉडल और गेमीफाइड अनुभवों की ओर बढ़ने में मदद की है। हम अपने देश के भविष्य के लिए कुछ आगे का लेकर आए हैं। टेकबुक टेक्नोलॉजी, शिक्षाशास्त्र और पाठ्यक्रम पर किए गए सालों के शोध का एक क्रांतिकारी परिणाम है, और यह छात्रों के पठन-पाठन के तरीके को हमेशा के लिए बदल देगा। हमें उम्मीद है कि 2028 तक भारत के शीर्ष 5000 स्कूल टेकबुक को अपना लेंगे, जिससे देश भर की कक्षाओं में व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप संवादपरक पठन-पाठन आम बात बन जाएगी।”

टेकबुक में महत्वपूर्ण विशेषताओं में ऑगमेंटेड रियलिटी शामिल है। पारंपरिक 2डी पाठ्यपुस्तकें छात्रों की जटिल अवधारणाओं को समझने की क्षमता को सीमित करती हैं जबकि टेकबुक जैसी अवधारणाओं की प्रकृति आम तौर पर 3डी होती है। टेकबुक विज्ञान और गणित जैसे विषयों को एआरआई (ऑगमेंटेड रियलिटी इंस्ट्रक्टर) के साथ जीवंत बनाता है, जिससे छात्र 3डी तरीके से विषयों को सीख सकते हैं।

व्यक्तिगत ज़रूरत के अनुसार पढ़ाई करने का अनुभव प्रदान करना भी टेकबुक की खासियत है। भाषा सीखने के लिए टेकबुक का आईआरए (इंडिपेंडेंट रीडिंग असिस्टेंट) व्यक्तिगत शिक्षक के रूप में काम करता है, जो छात्रों को किताबें पढ़कर सुनाता है, साथ ही जब छात्र पढ़ते हैं तो वह उनके पठन के प्रवाह और उच्चारण पर वास्तविक समय की प्रतिक्रिया देता है।

व्यक्तिगत ज़रूरत के अनुरूप अभ्यास भी टेकबुक की एक अहम विशेषता है। पीआईई (पर्सनलाइज्ड इंटरैक्टिव एक्सरसाइज़) के साथ, छात्रों को विभिन्न किस्म के एक्सरसाइज़ मिलते हैं जिन्हें अपनी ज़रूरत के अनुरूप ढाला जा सकता है। इसलिए छात्र अपनी गति से विषयों में महारत हासिल कर सकते हैं, जिससे वे मज़ेदार तरीके से निरंतर सीख सकते हैं।

लीड ग्रुप की सह-संस्थापक और सह-मुख्य कार्यकारी स्मिता देवरा कहती हैं, “पाठ्यपुस्तक को हाथ में लेकर-छूकर देखने के अनुभव को टेक्नोलॉजी की ताकत और गहन शोध वाली शैक्षणिक सामग्री के साथ जोड़कर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर छात्र को उच्च-गुणवत्ता, व्यक्तिगत शिक्षा तक पहुंच मिले जो वास्तव में उनकी शैक्षणिक यात्रा को आगे बढ़ाएगा। टेकबुक के साथ, हम एक ऐसा माहौल तैयार कर रहे हैं जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ विषयों को रट लेना भर नहीं है, बल्कि अन्वेषण, रचनात्मकता और महारत हासिल करना है।”

सुमीत मेहता का कहना है, “शिक्षा हमारे देश की प्रगति की नींव है, और स्कूल इस परिवर्तन के केंद्र में हैं। हम पठन-पाठन में एक नया मानक स्थापित करना चाहते हैं और दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि भारत स्कूलों में एआई और टेक्नोलॉजी को छात्रों को केंद्र में रखते हुए शिक्षकों की सहायता करने के मामले में आगे है। पहले साल में, टेकबुक देश के शीर्ष 400 इनोवेटर स्कूलों के लिए ‘केवल आमंत्रण’ पर उपलब्ध होंगे।टेकबुक के साथ, हम पठन-पाठन के समाधानों की एक नई श्रेणी शुरू कर रहे हैं, जो कक्षाओं में व्यक्तिगत आवश्यकता के आधार पर पठन-पाठन और स्कूली छात्रों के पाठ्यपुस्तकों से जुड़ाव को पुनर्परिभाषित करेगा। यह पढ़ाई का भविष्य है।”

गौरतलब है कि पिछले एक साल में लीड ग्रुप ने भारत में बड़े महंगे स्कूलों से लेकर किफायती स्कूलों तक, हर तरह के स्कूलों की सेवा करने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार किया है। यह ग्रुप उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने और अकादमिक उत्कृष्टता प्राप्त करने में देश भर के स्कूलों का समर्थन करने के लिए अपनी पेशकशों को बढ़ाने पर केंद्रित है। लीड ग्रुप 2028 तक देश भर के 60,000 से अधिक स्कूलों को उच्च-गुणवत्ता वाले, स्कूल एडटेक समाधान प्रदान करने के अपने दृष्टिकोण को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। और टेकबुक इसी कड़ी का एक पड़ाव है। 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed