वैश्विक आईटी कंपनी जोहो कॉरपोरेशन के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने अनुसंधान और विकास (R&D) पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे अब कंपनी के मुख्य वैज्ञानिक के रूप में काम करेंगे। उनकी जगह सह-संस्थापक शैलेश कुमार को जोहो के सीईओ का पदभार सौंपा गया है।
श्रीधर वेम्बू ने माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “मैं जोहो कॉर्प के सीईओ पद से हट रहा हूं और मुख्य वैज्ञानिक के रूप में नई जिम्मेदारी संभालूंगा। यह कदम कंपनी के अनुसंधान और विकास पहलों को मजबूती देने के लिए उठाया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका ध्यान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में हुए हालिया प्रगतियों पर होगा। इसके साथ ही वे अपने व्यक्तिगत ग्रामीण विकास मिशन पर भी कार्य करेंगे।
श्रीधर वेम्बू ने अपने पोस्ट में कंपनी की नई नेतृत्व संरचना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि सह-संस्थापक टोनी थॉमस जोहो यूएस का नेतृत्व करेंगे, राजेश गणेशन जोहो कॉर्प के मैनेजइंजीन प्रभाग का नेतृत्व करेंगे, और मणि वेम्बू जोहो.कॉम प्रभाग का नेतृत्व करेंगे।
वेम्बू ने जोर देकर कहा कि कंपनी के भविष्य के लिए अनुसंधान और विकास पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लिखा, “हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम R&D की चुनौतियों से कैसे निपटते हैं। मैं अपनी नई भूमिका को पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ निभाने के लिए तैयार हूं।”
चेन्नई मुख्यालय वाली जोहो कॉरपोरेशन की स्थापना 1996 में हुई थी। इसे पहले एडवेंटनेट इंक के नाम से जाना जाता था। आज यह कंपनी वैश्विक स्तर पर आईटी समाधान और सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए मशहूर है।
श्रीधर वेम्बू की नई भूमिका से जोहो के अनुसंधान और नवाचार के प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




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