
एलन मस्क के ट्विटर (अब ‘X’) के सीईओ बनने के बाद, प्लेटफ़ॉर्म पर नफ़रत भरे भाषणों में 50% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दावा कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले की एक शोध रिपोर्ट में किया गया है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मस्क के सीईओ बनने के बाद, जून 2023 तक बॉट और बॉट जैसे खातों की संख्या में कोई कमी नहीं आई।
रिपोर्ट के अनुसार, मस्क के नेतृत्व में ‘X’ पर नफ़रत भरे भाषणों में यह वृद्धि प्लेटफ़ॉर्म की नीतियों में बदलाव और मॉडरेशन की प्रक्रियाओं में ढील के कारण हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लेटफ़ॉर्म पर नफ़रत भरे भाषणों में वृद्धि से उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और प्लेटफ़ॉर्म की विश्वसनीयता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इससे पहले, ‘X’ के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मस्क ने अधिग्रहण के बाद उन्हें बिना नोटिस के नौकरी से निकाल दिया और सेवरेंस पेमेंट का भुगतान नहीं किया। कैलिफ़ोर्निया की एक अदालत ने इन अधिकारियों को मस्क के खिलाफ मुकदमा दायर करने की अनुमति दी है।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि एलन मस्क के नेतृत्व में ‘X’ प्लेटफ़ॉर्म में नीतिगत बदलावों और प्रबंधन संबंधी विवादों के कारण कई चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं, जो प्लेटफ़ॉर्म की कार्यप्रणाली और उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर प्रभाव डाल सकती हैं।




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