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डिजिटल शिक्षा की उड़ान: 2030 तक 29 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छूएगा भारतीय एडटेक बाजार

इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) और ग्रांट थॉर्नटन भारत द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एडटेक बाजार फिलहाल $7.5 बिलियन पर है, और अनुमान है कि यह 2030 तक $29 बिलियन के विशाल आंकड़े तक पहुंच जाएगा। कोविड-19 के बाद भले ही इस क्षेत्र को फंडिंग में गिरावट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा हो, फिर भी यह सेक्टर बीते दशक में निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहा है।

विकास की रफ्तार बढ़ाने वाले कारक
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा को लेकर समाज में आ रहे दृष्टिकोण के बदलाव, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, और डिजिटल लर्निंग को मिल रहे समर्थन ने एडटेक को मजबूती प्रदान की है। विशेष रूप से भारत के मध्यवर्गीय परिवारों की शिक्षा को लेकर बढ़ती आकांक्षाएं, रोजगार के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा, और वैश्विक मानकों की ओर बढ़ता रुझान इस बदलाव के मूल में हैं।

एडटेक प्लेटफार्म्स ने पारंपरिक शिक्षा को पीछे छोड़ते हुए छात्रों के लिए इंटरैक्टिव, पर्सनलाइज्ड और एंगेजिंग लर्निंग एक्सपीरियंस तैयार किए हैं, जो उन्हें न केवल बेहतर स्कोर करने में, बल्कि सोचने, समझने और आत्मनिर्भर बनने में भी मदद कर रहे हैं।

अर्थव्यवस्था में योगदान: शिक्षा से समृद्धि की ओर
रिपोर्ट के अनुसार, 2029 तक एडटेक क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 0.4% तक का योगदान देने लगेगा, जो कि 2020 में केवल 0.1% था। इस छलांग का श्रेय हाइब्रिड लर्निंग मॉडल, क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट डेवलपमेंट और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम्स को जाता है, जो पारंपरिक शिक्षा से हटकर छात्रों को जीवन के व्यावहारिक पहलुओं के लिए तैयार कर रहे हैं।

फंडिंग की अस्थिरता: उछाल और उतार
2024 में एडटेक सेक्टर में निवेश तीन गुना बढ़कर $608 मिलियन तक पहुंच गया, जबकि 2023 में यह केवल $207 मिलियन था। हालांकि, यह अभी भी 2022 में आए $2.1 बिलियन के मुकाबले काफी कम है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक अब ज्यादा सतर्कता से कदम बढ़ा रहे हैं। लेकिन इस वापसी से यह भी स्पष्ट होता है कि एडटेक में भरोसा अब भी कायम है।

ग्रामीण भारत: अगला बड़ा बाजार
देशभर में 954.4 मिलियन इंटरनेट सब्सक्रिप्शन के साथ, एडटेक कंपनियों की नजर अब टियर II और III शहरों, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों पर है। ये कंपनियां स्थानीय भाषाओं में कंटेंट और कम लागत वाले समाधान देकर नए उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने की रणनीति अपना रही हैं।

नई तकनीकों से सीखने का नया युग
जेनरेटिव AI, गेमिफिकेशन, और ऑगमेंटेड/वर्चुअल रियलिटी जैसी नवीनतम तकनीकों ने एडटेक को नई दिशा दी है। ये टूल्स छात्रों के लिए लर्निंग को न केवल मनोरंजक बनाते हैं, बल्कि उन्हें विषय की गहराई तक समझ भी प्रदान करते हैं। इससे छात्रों की सीखने की गति, रुचि और समझदारी में काफी सुधार हो रहा है।

भारतीय एडटेक सेक्टर, जिसने ऑनलाइन शिक्षा को एक विकल्प से एक आवश्यकता में बदला, अब राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक प्रमुख स्तंभ बनता जा रहा है। यदि यह रफ्तार बरकरार रही, तो 2030 का भारत एक ऐसे डिजिटल शिक्षा मॉडल का उदाहरण होगा, जिसकी जड़ें गहराई तक फैली होंगी और जिसकी शाखाएं विश्व के प्रतिस्पर्धी शैक्षिक परिदृश्य में लहराएंगी।

 

Asmita Sarkar

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