
देश के भविष्य के लिए शिक्षा हमेशा से अहम रही है, और यही वजह है कि FITJEE (Forum for IIT-JEE) एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में जबरन बंद हुए इसके कुछ कोचिंग सेंटर अब दोबारा सक्रिय हो चुके हैं। पहले दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ शहरों में FITJEE के सेंटर बंद करवा दिए गए थे, लेकिन अब संस्था ने न सिर्फ अपनी ऑनलाइन क्लासेस दोबारा शुरू की हैं, बल्कि 15 अप्रैल से 15 मई तक क्लासरूम प्रोग्राम भी शुरू कर रही है।
FITJEE ने सभी रजिस्टर्ड छात्रों को ईमेल के जरिए यह सूचना दी है। यह जानकारी खासकर उन विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है, जिनकी कक्षाएं अचानक बंद कर दी गई थीं। FITJEE के प्रबंधन का दावा है कि संस्था को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश की गई थी, जिसमें कुछ आंतरिक और बाहरी कोचिंग संस्थानों की भूमिका थी। हालांकि ये प्रयास असफल रहे, और FITJEE ने फिर से अपने कोचिंग प्रोग्राम पूरी ताकत से शुरू कर दिए हैं।
जो गाजियाबाद, नोएडा समेत कुछ सेंटर दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच बंद रहे थे, अब दोबारा खुल गए हैं। भेजे गए ईमेल में यह भी बताया गया है कि विरोधी कोचिंग संस्थानों ने शिक्षकों को लालच देकर सेंटर छोड़वाए और ब्रांड की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की। मगर FITJEE ने इन सारी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया।
FITJEE पिछले 30 सालों से देश के बच्चों को IIT-JEE जैसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार कर रहा है। इसके संस्थापक दिनेश कुमार गोयल खुद एक IIT ग्रेजुएट हैं, जिन्होंने इस संस्थान की नींव एक छोटे से सेंटर से रखी थी। आज FITJEE पूरे देश में फैला हुआ है और एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है।
हालांकि चुनौतियां अभी भी कम नहीं हैं—दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में दर्जनों शिक्षक सेंटर छोड़ चुके हैं, कुछ सेंटर बंद हो गए हैं, पुलिस केस दर्ज हुए हैं और बैंक खाते तक सील कर दिए गए हैं। बावजूद इसके, FITJEE का दावा है कि वह छात्रों को अंधेरे में नहीं छोड़ेगा। उनकी तकनीक, मेथडोलॉजी और अनुभव ही FITJEE को सबसे अलग बनाते हैं।
FITJEE का विश्वास है कि जैसे उसने पहले भी षड्यंत्रों को मात दी है, वैसे ही वह आगे भी शिक्षा की इस लड़ाई में विजयी होगा—क्योंकि जब इरादे मजबूत हों, तो रास्ते खुद बनते हैं।




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