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एक्सेंचर में बड़े पैमाने पर छंटनी, एआई और मांग में कमी बनी वजह

ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने बीते तीन महीनों में दुनिया भर में 11,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। कंपनी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाने और कॉर्पोरेट डिमांड में गिरावट के चलते यह कदम उठाया गया है। यह छंटनी 865 मिलियन डॉलर के रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम का हिस्सा है और आने वाले महीनों में और कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।

छंटनी क्यों?
एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट ने एनालिस्ट्स को बताया कि कंपनी के पास कर्मचारियों को आवश्यक स्किल्स देने के लिए पर्याप्त रीस्किलिंग विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में, क्लाइंट्स की बढ़ती एआई-पावर्ड सॉल्यूशंस की मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को तेज़ी से कदम उठाने पड़ रहे हैं। इसका मतलब है कि कई कर्मचारियों को तब तक नौकरी में बनाए रखना संभव नहीं है, जब तक वे नई आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार न हों।

पैमाना और असर
अगस्त 2025 के अंत तक एक्सेंचर के वैश्विक कर्मचारियों की संख्या 779,000 रह गई, जबकि तीन महीने पहले यह 791,000 थी। कंपनी में छंटनी का दौर साल की शुरुआत में शुरू हुआ था और उम्मीद है कि यह नवंबर 2025 तक जारी रहेगा। रीस्ट्रक्चरिंग से कंपनी को 1 अरब डॉलर से अधिक की बचत होने का अनुमान है, जबकि इससे संबंधित सेवरेंस कॉस्ट को भी कवर किया जाएगा।

एजेंटिक एआई की ट्रेनिंग
छंटनी के बीच एक्सेंचर ने अपने कर्मचारियों के लिए अपस्किलिंग प्रोग्राम भी शुरू किया है। कंपनी उन्हें एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दे रही है—यह नई पीढ़ी के एआई टूल्स हैं, जो जटिल कार्यों को ऑटोमेट करने में सक्षम हैं। स्वीट का कहना है कि यह ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, ताकि क्लाइंट्स की बढ़ती उम्मीदों को पूरा किया जा सके और दुनिया भर के बिजनेस एआई के साथ अपने ऑपरेशंस को रीइन्वेंट कर सकें।

Asmita Sarkar

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