
मैथ्स और साइंस को छात्रों के लिए आसान और दिलचस्प बनाने की दिशा में सुपर-30 के संस्थापक और पद्मश्री से सम्मानित आनंद कुमार (Anand Kumar) ने नया डिजिटल एजुकेशन प्लेटफॉर्म ‘Super Infinity’ लॉन्च करने की घोषणा की है। दिल्ली के द्वारका में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने इस नए मंच की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पढ़ाई को सिर्फ किताबों और फार्मूलों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे समझने और महसूस करने का अनुभव बनाना है।
आनंद कुमार ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक ऑनलाइन क्लास से अलग होगा। यहां मैथ्स और साइंस जैसे विषयों को कहानियों, एनीमेशन, संगीत और रियल लाइफ उदाहरणों के जरिए समझाया जाएगा, ताकि छात्र कठिन विषयों को आसानी से समझ सकें और उनमें रुचि विकसित हो।
सुपर-30 से आगे बढ़कर लाखों छात्रों तक पहुंचने की कोशिश
सुपर-30 के जरिए वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को IIT जैसी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती रही है। हालांकि हर साल सीमित सीटों के कारण केवल 30 छात्रों का ही चयन हो पाता था। इसी अनुभव को साझा करते हुए आनंद कुमार ने कहा कि उनके मन में हमेशा यह सवाल रहता था कि उन लाखों छात्रों तक बेहतर शिक्षा कैसे पहुंचाई जाए, जिन्हें अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि ‘Super Infinity’ इसी सोच का परिणाम है। यह प्लेटफॉर्म देशभर के छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का प्रयास करेगा, ताकि कोई भी छात्र संसाधनों की कमी की वजह से सीखने से वंचित न रहे।
कहानी, संगीत और एनीमेशन से बदलेगा पढ़ाई का तरीका
आनंद कुमार के मुताबिक इस मंच पर छात्रों को केवल सवाल हल करना या फार्मूले याद करना नहीं सिखाया जाएगा। कोशिश यह रहेगी कि वे यह समझ सकें कि मैथ्स और साइंस का हमारे रोजमर्रा के जीवन, प्रकृति, संगीत और ब्रह्मांड से क्या संबंध है।
उन्होंने कहा कि जब छात्र किसी विषय को महसूस करके सीखते हैं, तो वह लंबे समय तक याद रहता है। इसी वजह से प्लेटफॉर्म पर एनीमेशन, विजुअल कंटेंट और वास्तविक जीवन के उदाहरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक और इंटरैक्टिव बन सके।
छात्रों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी मिलेगा फायदा
आनंद कुमार ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं होगा, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और मैथ्स में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। उनका कहना है कि आसान भाषा और रचनात्मक तरीके से पढ़ाने का यह मॉडल सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि 12 जून से कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर ‘Super Infinity’ सर्च करके इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेगा। माना जा रहा है कि यह पहल डिजिटल एजुकेशन सेक्टर में एक नया प्रयोग साबित हो सकती है, खासकर उन छात्रों के लिए जो मैथ्स और साइंस को कठिन मानते हैं।




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