
आईआईटी (IIT) में एडमिशन का ख्वाब हर छात्र देखता है। इसके लिए वह सालों कठिन मेहनत करता है। जेईई (JEE) के लिए कोटा जाकर कोचिंग भी करता है। कुछ के नसीब खुलते भी हैं। वे दुनिया की दूसरी सबसे कठिन परीक्षा यानी जेईई पास करके आईआईटी में एडमिशन लेने में कामयाब हो जाते हैं। लेकिन इनमें से ही कोई ऐसा भी होता है, जिसे आईआईटी में एडमिशन लेने के बाद अपने सपनों का अहसास होता है और वह देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान को छोड़कर अपने सपनों की उड़ान तय करने निकल पड़ता है। उसके सपने धरातल पर भी उतरते हैं और वह अभिनय की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम बन जाता है। लोग उसके अभिनय को पसंद करते हैं, उसके किरदार को लोकप्रियता मिलती है और वह दर्शकों का चहेता बन जाता है।
नेटफ्लिक्स (NetFlix) पर रिलीज हुए ‘कोटा फैक्ट्री सीजन 3’ (Kota Factory Season 3) फेम एक एक्टर की कुछ यही कहानी है। कौन है कोटा फैक्ट्री का वह एक्टर जो रियल लाइफ में भी कर चुका है JEE क्रैक और IIT में दाखिले के बाद एक्टिंग के लिए उसने आईआईटी बॉम्बे से ड्रॉप आउट भी कर लिया? वह है एक्टर रंजन राज, जिसने सीरीज में बालमुकुंद मीना का किरदार निभाया है।
कोटा फैक्ट्री सीजन 3 में सभी एक्टर्स ने बेहतरीन काम किया है। सीरीज उन बच्चों पर आधारित है जो कोटा में रहकर जेईई और अन्य कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करते हैं। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे बच्चे JEE को क्रैक करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। बालमुकुंद मीना का किरदार भी ऐसे ही एक बच्चे का है, जिसे रंजन राज ने निभाया है। इस किरदार को दर्शकों से बेहद प्यार मिला है।
वैसे बालमुकुंद मीना के किरदार की तरह ही रंजन राज का असली जीवन भी रहा है। उनका जन्म 18 मई 1994 को हुआ था। बिहार के अरवल जिले से आने वाले रंजन राज एक ब्राइट स्टूडेंट थे। वह अपने परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट देने के लिए इंजीनियर बनना चाहते थे। जेईई की तैयारी के लिए रंजन राज ने पटना में एक कोचिंग में एडमिशन लिया। दो सालों तक पढाई की। उन्होंने जेईई की ना सिर्फ तैयारी की बल्कि अपनी मेहनत के बल पर पेपर को पास करके IIT बॉम्बे में एडमिशन भी हासिल कर लिया।
रंजन राज की मां चाहती थीं कि वह एक्टर बनें। उन्होंने चौथी क्लास में एक स्टेज प्ले में सुदामा का किरदार निभाया था। स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में भी वे काफी सक्रिय रहते थे। आईआईटी बॉम्बे में बीटेक की पढ़ाई के दौरान भी वह वहां होने वाली एक्टिविटीज का हिस्सा बनते रहे। ‘दो गज जमीन’ नामक एक ड्रामा में उनकी एक्टिंग स्किल्स को काफी सराहा गया। लेकिन आईआईटी बॉम्बे में 6 सेमेस्टर यानी 3 सालों तक पढ़ाई करने के बाद रंजन राज ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड की राह पकड़ ली।
उन्होंने ‘शुरुआत का इंटरवल’ नामक फिल्म से करियर की शुरुआत की। इसमें उनके साथ आईआईटी से पासआउट जितेंद्र कुमार यानी जीतू भइया भी थे। वही जीतू भैया जो ‘कोटा फैक्ट्री’ में स्टूडेंट्स को JEE की तैयारी करा रहे हैं। उसी जीतू भैया का साथ इस बार रंजन राज को सबसे ज्यादा शोहरत दिला रहा है। ‘कोटा फैक्ट्री’ नामक सीरीज के ज़रिये, जिसमें वे बालमुकुंद मीणा का किरदार निभा रहे हैं। हालांकि इसके अलावा उन्होंने ‘रुस्तम’ और ‘ड्रीम गर्ल 2’ जैसी फिल्मों में भी काम किया था, लेकिन सुर्खियां बने ‘कोटा फैक्ट्री’ से। शायद इंजीनियर साहब की तकदीर में भी इंजीनियरिंग वाले सीरीज के ज़रिये ही शोहरत की बुलंदियों पर चढ़ना लिखा था।




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