
कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने हालिया समय में अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी निवासियों की संख्या को सीमित करने के प्रयास किया हैं। कनाडा सरकार की कोशिश के बावजूद इस साल के पहले चार महीनों में जारी किए गए अध्ययन परमिटों की संख्या बढ़ी है। ट्रूडो की सरकार ने आवास संकट को कम करने के लिए इंटरनेशनल छात्रों सहित अस्थायी निवासियों के प्रवेश को कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (आईआरसीसी) की ओर से जारी आंकड़ों से साफ होता है कि इस साल जनवरी से अप्रैल तक जारी किए गए स्टडी परमिटों की संख्या में 2023 की इसी अवधि की तुलना में वृद्धि हुई है। कुल स्टडी परमिट 2023 के शुरुआती चार महीनों की 165,805 की संख्या से बढ़कर 2024 की शुरुआत में 187,510 हो गए। वीजा प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या भी 72,750 से बढ़कर 81,260 हो गई, जो कुल परमिटों का 43 फीसदी है।
बीते साल, 2023 में कनाडा से जारी किए गए कुल 682,430 स्टडी परमिटों में से 278,335 भारतीय छात्रों के थे। 2024 में अब तक कनाडा ने 216,620 अध्ययन परमिट जारी किए हैं, इसमें 91,510 भारतीय छात्रों को मिले हैं। 21 मार्च को इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने अगले तीन वर्षों में अस्थायी निवासी आबादी को 5 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा था।
ट्रूडो सरकार के इन उपायों के बाद मई में जारी अध्ययन परमिटों की संख्या में मामूली गिरावट आई। मई के महीने में ये संख्या 2023 के 34,400 से घटकर 2024 में 30,490 हो गई। इस दौरान भारतीय छात्रों के लिए परमिट 13,055 से घटकर 10,560 हो गए। सरकार के ये निर्णय घरों की बढ़ती लागतों से प्रभावित होकर लिए गए, इससे आवास संकट को काफी प्रभावित किया है।
भारतीय छात्रों के लिए इससे प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हो सकती है, जो कुल परमिटों की संख्या का 43 प्रतिशत हिस्सा हैं। हालांकि भविष्य के बारे में सोचकर उन्हें परेशानी हो सकती है। भविष्य में कनाडा सरकार स्टडी परमिट आवेदनों की संख्या को सीमित कर देगी और अस्थायी निवासी आबादी को कम करेगी। इससे भविष्य में अध्ययन परमिट प्राप्त करना कठिन हो जाएगा।




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