
कनाडा की सरकार ने भारत समेत अन्य देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के पोस्ट-सेकेंडरी स्टडी परमिट को लेकर बदलाव की योजना बनाई है। इसमें कहा गया है कि अगर संस्थान अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नामांकन की उचित निगरानी नहीं रखते हैं तो उनके स्टडी परमिट को रोक दिया जाएगा। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को छात्रों की अटेंडेंस और स्टडी परमिट शर्तों के पालन के बारे में जानकारी देनी होगी। कनाडा सरकार के नए नियमों के अनुसार कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को आव्रजन विभाग को यह रिपोर्ट देनी होगी कि कोई छात्र स्कूल जा रहा है या नहीं और स्ट़डी परमिट की सभी शर्तों का पालन कर रहा है या नहीं।
इस पहल का उद्येश्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों को धोखाधड़ी से बचाने के साथ ही कनाडा में काम के लिए स्टडी परमिट का इस्तेमाल करते हुए पिछले दरवाजे से प्रवेश को रोकना है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों को संघीय आव्रजन विभाग को जानकारी देनी होगी कि कोई छात्र नामांकित है या नहीं और क्या वह सभी स्टडी परमिट नियमों का पालन कर रहा है। गौरतलब है कि इस नियम के तहत अब अंतरराष्ट्रीय छात्र हफ्ते में केवल 24 घंटे तक ही कॉलेज कैंपस से बाहर जाकर काम कर सकेंगे। हालांकि, इससे पहले तक अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 20 घंटे से अधिक समय तक कैंपस से बाहर काम करने की अनुमति थी, ताकि उन्हें बढ़ती महंगाई में अपना जीवन यापन चलाने में मदद मिले।
कनाडा सरकार के गजट योजना के अनुसार, छात्रों को जब भी स्कूल बदलना हो तो उन्हें नए स्टडी परमिट के लिए आवेदन करना होगा और यह नया कार्यक्रम शुरू करने से पहले किया जाना चाहिए। वहीं, इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक कॉलेज और विश्वविद्यालय ही स्टडी परमिट के लिए क्वालिफाइड हो और जो इसका पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जबकि, नामित शिक्षण संस्थानों के पास छात्र की स्वीकृति करने के लिए 10 दिन और हर स्टूडेंट की इनरोलमेंट स्टेटस पर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के लिए 60 दिन होंगे।
ऐसे में कनाडा सरकार का अनुमान है कि इन बदलावों पर 10 सालों में लगभग 87 मिलियन डॉलर खर्च होंगे, जिसमें सरकार, नामित शिक्षण संस्थानों और स्टडी परमिट धारकों के लिए कार्यान्वयन की लागत भी शामिल है। वहीं, जो स्कूल बदलना चाहते हैं, उनके पास बदलाव करने के लिए 29 जुलाई तक का समय है।
नए नियम विशेष रूप से पोस्ट-सेकंडरी डीएलआई और पोस्ट-सेकंडरी अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर लागू होते हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, स्टडी परमिट धारकों को अपने परमिट पर नामित शिक्षण संस्थान (DLI) में नामांकन कराना होगा और पढ़ाई पूरी होने तक लगातार नामांकन बनाए रखना होगा। इसमें कहा गया है कि जिस दिन परमिट धारक नामांकित होना बंद कर देता है, उस दिन परमिट अमान्य हो सकता है।




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