
अमेरिका में पहले से कहीं अधिक छात्र डबल मेजर चुन रहे हैं। यह ट्रेंड सरकारी और निजी दोनों तरह की यूनिवर्सिटी में तेजी से बढ़ रहा है। Hechinger Report के अनुसार, लगभग एक-तिहाई अंडरग्रेजुएट छात्र अब अपना रोजगार अवसर मजबूत करने के लिए दूसरा मेजर चुन रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब जॉब मार्केट अनिश्चितताओं से भरा हुआ है।
पिछले दस वर्षों में University of Wisconsin–Madison में डबल मेजर करने वाले छात्रों की संख्या 25% बढ़ी है। कंप्यूटर साइंस के जिन छात्रों ने दूसरा मेजर चुना, उनमें से लगभग 10 में से 6 ने डेटा साइंस को चुना—एक ऐसा क्षेत्र, जिसके अगले दशक में 34% वृद्धि की उम्मीद है और जिसकी औसत सैलरी राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी बताई जाती है (Bureau of Labor Statistics)।
बहुमुखी कौशल की बढ़ती मांग
छात्रों की पसंद यह दिखाती है कि वे आर्थिक अनिश्चितता और तेजी से बदलती नियोक्ता अपेक्षाओं का सामना करने के लिए तैयार होना चाहते हैं। Federal Reserve Bank of St. Louis के आंकड़ों (Hechinger Report द्वारा उद्धृत) के मुताबिक, हालिया ग्रेजुएट्स की बेरोजगारी दर बढ़ रही है और महामारी के बाद यह 2014 के बाद सबसे अधिक है।
करीब आधे ग्रेजुएट्स महसूस करते हैं कि वे एंट्री-लेवल नौकरी के लिए पर्याप्त योग्य नहीं हैं, जबकि केवल 30% छात्र अपने विषय से जुड़े क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के Future of Learning Lab की एसोसिएट डायरेक्टर रेचल स्लामा ने Hechinger Report से कहा: “छात्र एक बेहद गतिशील लेबर मार्केट में नियंत्रण खोने जैसा महसूस कर रहे हैं। उनके पास सिर्फ एक चीज़ है जिस पर उनका नियंत्रण है—वे कौन-सा मेजर चुनते हैं। और उन्हें लगता है कि जितना ज्यादा, उतना बेहतर।”
रिसर्च: डबल मेजर से आर्थिक लाभ
2016 में St. Lawrence University और Vanderbilt Law School द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया कि जो छात्र बिजनेस और STEM मेजर को साथ में करते हैं, वे एक ही मेजर वाले छात्रों की तुलना में अधिक कमाई करते हैं।
Hechinger Report के अनुसार, Ohio State University और चार अन्य विश्वविद्यालयों के अध्ययन से पता चला कि दो मेजर वाले ग्रेजुएट्स को आर्थिक संकट के दौरान छंटनी, सैलरी कटौती या अन्य नकारात्मक प्रभावों का 56% कम खतरा रहता है।
विश्वविद्यालयों की रणनीति और छात्रों को मदद
बदलते जॉब मार्केट की जरूरतों को देखते हुए, विश्वविद्यालय खुद ही छात्रों को डबल मेजर अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
UW–Madison के असिस्टेंट प्रोफेसर टेलर ओडल कहते हैं, “संस्थान सोच-समझकर अपने डिग्री प्रोग्राम को इंडस्ट्री की जरूरतों के साथ जोड़ रहे हैं, और कई बार दो मौजूदा प्रोग्राम को मिलाने से यह संभव हो जाता है।”
कई मामलों में छात्र बिना अतिरिक्त समय या खर्च के डबल मेजर कर लेते हैं—अगर कोर्स क्रेडिट ओवरलैप हों या फिर उन्होंने हाई स्कूल में डुअल-एनरोलमेंट या AP (Advanced Placement) के माध्यम से अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित किए हों। यह लचीलापन American Institutes for Research की प्रमुख शोधकर्ता केल पार्सन्स ने भी बताया है।
व्यक्तिगत रुचियां और करियर सुरक्षा
कई छात्र अपनी बौद्धिक जिज्ञासा के कारण भी दो मेजर चुनते हैं। University of Chicago की डीन मेलिना हाले के अनुसार: “छात्र एक करियर के प्रति प्रतिबद्ध होते हुए भी व्यापक सीखना चाहते हैं। वे अलग-अलग विषय एक्सप्लोर करते हैं और अक्सर ऐसा मेजर खोज लेते हैं जो उन्हें बेहद पसंद आता है।”
Baylor University के वाइस प्रोवोस्ट जे. वेस्ली नल का कहना है: “छात्र अपने माता-पिता को संतुष्ट करना चाहते हैं, जो रोजगार सुनिश्चित देखना चाहते हैं। साथ ही, वे इंटरडिसिप्लिनरी विषयों में भी गहरी रुचि रखते हैं। ये होनहार छात्र कई क्षेत्रों में दिलचस्पी रखते हैं।”
डबल मेजर के अलावा, कई छात्र सर्टिफिकेट या ‘stackable credentials’ भी हासिल कर रहे हैं, जो रोजगार में मदद करते हैं और आमतौर पर कुछ महीनों में पूरे हो जाते हैं। 2023–2024 की बैच के 17% बैचलर डिग्री छात्रों ने कम से कम एक सर्टिफिकेट प्राप्त किया है।
डबल मेजर या अतिरिक्त सर्टिफिकेशन हासिल करने वाले छात्र अधिक कौशल प्रदर्शित कर पाते हैं, अपने रोजगार अवसर बढ़ाते हैं और तेजी से बदलते जॉब मार्केट में खुद को ज्यादा मजबूत बनाते हैं।




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