
भारत में मेडिकल की पढ़ाई करना आज भी लाखों छात्रों का सपना है। लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित हैं और निजी कॉलेजों की फीस कई परिवारों की पहुंच से बाहर होती है। हर साल National Eligibility cum Entrance Test (NEET) में लाखों छात्र शामिल होते हैं, पर कम सीटों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मनचाहा कॉलेज नहीं मिल पाता। ऐसे में कई छात्र और उनके माता-पिता विदेश में किफायती और भरोसेमंद विकल्प तलाशते हैं।
इसी कड़ी में Philippines भारतीय छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यहां मेडिकल की पढ़ाई इंग्लिश मीडियम में होती है और कुल खर्च भी कई अन्य देशों की तुलना में कम पड़ता है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र यहां मेडिकल डिग्री के लिए जाते हैं।
फीस भारत के निजी कॉलेजों से कम
फिलीपींस के अधिकांश मेडिकल विश्वविद्यालयों की कुल फीस भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। आमतौर पर पूरा कोर्स 20 से 30 लाख रुपये के बीच पूरा हो सकता है, हालांकि विश्वविद्यालय और शहर के अनुसार यह राशि बदल सकती है। कई संस्थान किस्तों में फीस जमा करने की सुविधा भी देते हैं, जिससे परिवारों पर एकमुश्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ता।
रहने और खाने का खर्च भी किफायती
यूरोप या अमेरिका की तुलना में फिलीपींस में रहने और खाने का खर्च कम है। हॉस्टल शुल्क अपेक्षाकृत सस्ता होता है और कई विश्वविद्यालयों के आसपास भारतीय छात्रों के लिए इंडियन मेस की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। इससे छात्रों को खानपान को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होती।
इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई
फिलीपींस में मेडिकल शिक्षा पूरी तरह अंग्रेजी भाषा में दी जाती है। वहां अंग्रेजी व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। भारतीय छात्रों को अलग से नई भाषा सीखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे पढ़ाई समझना और क्लिनिकल ट्रेनिंग लेना आसान हो जाता है।
शिक्षा प्रणाली और डिग्री संरचना
फिलीपींस की मेडिकल शिक्षा प्रणाली अमेरिकी मॉडल से प्रभावित है। वहां पहले प्री-मेडिकल कोर्स (BS) करना होता है, जिसके बाद MD यानी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की पढ़ाई होती है। यह MD डिग्री भारत के MBBS के समकक्ष मानी जाती है, बशर्ते छात्र भारत में निर्धारित परीक्षा पास करे।
NMC की गाइडलाइंस के तहत मान्यता
भारत में प्रैक्टिस करने के लिए छात्रों को National Medical Commission (NMC) की गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी होता है। फिलीपींस के कई मेडिकल विश्वविद्यालय NMC के मानकों के अनुरूप माने जाते हैं। डिग्री पूरी करने के बाद भारतीय छात्रों को भारत में लाइसेंस पाने के लिए विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा (FMGE) या लागू नियमों के अनुसार NExT परीक्षा पास करनी होती है।
सीटें ज्यादा, प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान
भारत की तुलना में फिलीपींस में मेडिकल सीटों की संख्या अधिक है। इससे प्रवेश प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो जाती है। हालांकि भारतीय छात्रों के लिए NEET क्वालिफाई करना अनिवार्य है, लेकिन प्रवेश के लिए भारत जैसी ऊंची कट-ऑफ आमतौर पर नहीं होती।
फिलीपींस उन छात्रों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरा है जो सीमित बजट में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं। हालांकि किसी भी विदेशी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले मान्यता, कुल खर्च, कोर्स की अवधि और भारत में प्रैक्टिस से जुड़े नियमों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। सही जानकारी और तैयारी के साथ विदेश में मेडिकल शिक्षा एक बेहतर अवसर साबित हो सकती है।




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