
विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच ब्रिटेन लंबे समय से सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल रहा है। बेहतर यूनिवर्सिटी, ग्लोबल डिग्री और करियर के अवसर हर साल हजारों छात्रों को यूके की ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन ब्रिटेन में पढ़ाई की योजना बनाने से पहले वहां के कुल खर्च को समझना बेहद जरूरी है। केवल यूनिवर्सिटी की फीस ही नहीं, बल्कि रहने, खाने, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के खर्च भी छात्रों के बजट का बड़ा हिस्सा होते हैं।
ब्रिटेन में पढ़ाई का कुल खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि छात्र कौन-सा कोर्स चुन रहा है, किस यूनिवर्सिटी में दाखिला ले रहा है और किस शहर में रह रहा है। खासकर लंदन जैसे बड़े शहरों में खर्च दूसरे शहरों की तुलना में काफी ज्यादा होता है।
बैचलर्स डिग्री की बात करें तो ब्रिटेन की यूनिवर्सिटीज में ट्यूशन फीस आमतौर पर 11,000 से 38,000 पाउंड प्रति वर्ष के बीच होती है। फीस का स्तर कोर्स और संस्थान के अनुसार बदलता रहता है। इंजीनियरिंग, मेडिकल और बिजनेस जैसे प्रोफेशनल कोर्स की फीस अपेक्षाकृत अधिक होती है। इंग्लैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में अधिकतर अंडरग्रेजुएट कोर्स तीन साल में पूरे हो जाते हैं, जबकि स्कॉटलैंड में कई कोर्स चार साल तक चलते हैं।
मास्टर्स डिग्री के लिए छात्रों को लगभग 9,000 से 30,000 पाउंड तक खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि ब्रिटेन की एक बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि यहां अधिकतर मास्टर्स कोर्स सिर्फ एक साल में पूरे हो जाते हैं। इससे छात्रों का समय और रहने का खर्च दोनों कम हो जाता है।
रहने का खर्च भी छात्रों के बजट में अहम भूमिका निभाता है। लंदन में रहने वाले छात्रों को हर महीने करीब 1,300 से 1,400 पाउंड तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसमें किराया सबसे बड़ा खर्च होता है। वहीं मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ग्लासगो और लीड्स जैसे दूसरे शहरों में यह खर्च औसतन 900 से 1,300 पाउंड प्रतिमाह के बीच रहता है।
इसके अलावा खाने-पीने और दैनिक जरूरतों पर भी नियमित खर्च होता है। आमतौर पर छात्र हर महीने करीब 100 पाउंड भोजन पर खर्च करते हैं। वहीं घूमने-फिरने, सोशल एक्टिविटी और छोटे-मोटे मनोरंजन पर अतिरिक्त खर्च जुड़ जाता है।
ब्रिटेन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल काफी आम है। बस, ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर छात्रों को हर महीने लगभग 50 से 60 पाउंड तक खर्च करना पड़ सकता है। इसके अलावा मोबाइल, इंटरनेट, किताबें, कपड़े और अन्य जरूरतों का खर्च अलग से शामिल होता है।
अगर पूरे साल का अनुमान लगाया जाए, तो ब्रिटेन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों का कुल खर्च लगभग 20,000 से 55,000 पाउंड तक पहुंच सकता है। यह राशि चुने गए कोर्स, यूनिवर्सिटी और शहर के हिसाब से बदलती रहती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश में पढ़ाई की योजना बनाते समय छात्रों को सिर्फ यूनिवर्सिटी फीस नहीं, बल्कि पूरे रहने और जीवनशैली के खर्च का भी पहले से अनुमान लगाना चाहिए। सही आर्थिक योजना और स्कॉलरशिप विकल्पों की जानकारी छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।




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