
भारत में खेलों को सिर्फ मैदान तक सीमित रखने के बजाय अब उसे एक मजबूत करियर विकल्प और पेशेवर क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने कॉम्प्रीहेंसिव इंटर्नशिप प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसके तहत हर साल मंत्रालय और उसके स्वायत्त निकायों में कुल 452 पेड इंटर्नशिप के अवसर दिए जाएंगे।
हर महीने मिलेगा 20 हजार रुपये का स्टाइपेंड
इस इंटर्नशिप के लिए चयनित युवाओं को 20,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड दिया जाएगा। सरकार ने इस पूरी योजना के लिए सालाना 5.30 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। कार्यक्रम का मकसद छात्रों को खेल प्रशासन और उससे जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव देना और भविष्य के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
छात्रों को मिलेगा फील्ड और सिस्टम दोनों का अनुभव
यह इंटर्नशिप खासतौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। चयनित इंटर्न्स को खेल प्रशासन, इवेंट मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स साइंस, एंटी-डोपिंग, एथलीट सपोर्ट और खेल नीतियों के क्रियान्वयन जैसे अहम क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा।
देश के प्रमुख खेल संस्थानों में तैनाती
नई पहल के तहत इंटर्नशिप खेल मंत्रालय के साथ-साथ उसके प्रमुख स्वायत्त संगठनों में दी जाएगी। इनमें शामिल हैं—
– भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI)
– राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA)
– राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (NDTL)
इंटर्न्स को अनुभवी विशेषज्ञों के साथ काम करने, संरचित ओरिएंटेशन, मेंटरशिप और नीतियों के निर्माण व क्रियान्वयन को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय खेल योजनाओं में सीधी भागीदारी
इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इंटर्न्स को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (TAGG) जैसी बड़ी राष्ट्रीय योजनाओं में सीधे काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा एसएआई के स्टेडियम, क्षेत्रीय केंद्रों और राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में फील्ड लेवल अनुभव भी मिलेगा।
20 से ज्यादा क्षेत्रों में अवसर
यह इंटर्नशिप 20 से अधिक कार्यात्मक क्षेत्रों में उपलब्ध होगी, जिनमें खेल प्रबंधन, स्पोर्ट्स साइंस, रिसर्च, इवेंट ऑपरेशंस, मीडिया और कम्युनिकेशन, कानूनी कार्य, आईटी सिस्टम, डेटा एनालिसिस, अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासन और एंटी-डोपिंग शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इंटर्न्स की जिम्मेदारियां क्या होंगी?
स्पोर्ट्स साइंस से जुड़े इंटर्न्स रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, लैब टेस्टिंग और वैज्ञानिक एथलीट सपोर्ट पर काम करेंगे। वहीं NADA में तैनात इंटर्न्स एंटी-डोपिंग जागरूकता, कानूनी अनुपालन और केस मैनेजमेंट में सहयोग करेंगे। NDTL में चयनित छात्रों को सैंपल एनालिसिस और एडवांस्ड लैब प्रक्रियाओं का अनुभव मिलेगा।
पारदर्शी और मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया
खेल मंत्रालय हर साल जनवरी और जुलाई में दो भर्ती चक्र चलाएगा। पूरी प्रक्रिया एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी, जिससे पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित की जा सके।
चयन प्रक्रिया में आवेदन की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस और आवश्यक एनओसी की जांच की जाएगी। उम्मीदवारों की रैंकिंग कक्षा 10वीं, 12वीं और स्नातक के अंकों के आधार पर होगी। अंतिम चयन मंत्रालय की तय एसओपी के अनुसार किया जाएगा।
खेल तंत्र को पेशेवर बनाने की दिशा में अहम पहल
यह कॉम्प्रीहेंसिव इंटर्नशिप प्रोग्राम युवाओं की भागीदारी, डिजिटल कौशल, नवाचार और पेशेवर सोच को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके जरिए खेल नीति, प्रशासन, मीडिया, कानूनी ढांचे और स्पोर्ट्स साइंस में दक्ष पेशेवरों की एक मजबूत श्रृंखला तैयार करने की तैयारी है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ खेल, पारदर्शी प्रशासन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी, जिससे भारत का खेल पारिस्थितिकी तंत्र और अधिक पेशेवर बनकर वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकेगा।




Add comment