
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (CIPU) के सहयोग से तीसरे भारत उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन 2026 (3rd Bharat Higher Education Summit 2026) का सफल आयोजन किया। इस सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक कुलपति (Vice Chancellors), नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत की उच्च शिक्षा के भविष्य और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर चर्चा करना था।
भारत का उच्च शिक्षा क्षेत्र लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में यह सम्मेलन नवाचार, शोध, कौशल विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बना।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उच्च शिक्षा संस्थान छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने के साथ-साथ देश की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी प्रगति में भी अहम योगदान दे सकते हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अनुराग ठाकुर
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर की उपस्थिति रही। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने भारत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में शिक्षा व्यवस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर एक मजबूत और भविष्य के अनुरूप शिक्षा प्रणाली विकसित की जा सकती है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आयुर्वेद, योग, संस्कृत और भारतीय गणित जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने पर हुई विस्तृत चर्चा
सम्मेलन के दौरान शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं ने भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने तथा छात्रों को वैश्विक रोजगार बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर अपने विचार साझा किए।
विभिन्न सत्रों में नवाचार, शोध, उद्योग-शिक्षा सहयोग, कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सम्मेलन के दौरान नवाचार, शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विश्वविद्यालय ने कहा कि वह ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, जहां छात्रों को आधुनिक शिक्षा, उद्योग से जुड़ाव और रिसर्च आधारित सीखने के बेहतर अवसर मिल सकें।
विश्वविद्यालय का मानना है कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग से छात्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका
तीसरे भारत उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन 2026 का सफल आयोजन इस बात का संकेत है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सार्थक शैक्षणिक संवाद के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
देश और विदेश के प्रमुख शिक्षा विशेषज्ञों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। भविष्य के नेतृत्वकर्ता तैयार करने और ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में उच्च शिक्षा संस्थानों का योगदान निर्णायक माना जा रहा है।




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