
जयपुर स्थित जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के हरि शंकर सिंघानिया स्कूल ऑफ बिजनेस (HSB) ने अपने MBA इन प्रोडक्ट मैनेजमेंट कार्यक्रम के तीसरे बैच के लिए ओरिएंटेशन और रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर नए छात्रों, उनके अभिभावकों, फैकल्टी सदस्यों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रोडक्ट थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, लीडरशिप और भविष्य के करियर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
यह ओरिएंटेशन केवल नए छात्रों के स्वागत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि आज के दौर में मैनेजमेंट एजुकेशन तेजी से प्रोडक्ट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल के अनुरूप विकसित हो रही है। कार्यक्रम में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि इस बैच में छात्र और छात्राओं का अनुपात लगभग 60:40 है, जिसे अधिक समावेशी नेतृत्व तैयार करने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना गया।
हरि शंकर सिंघानिया स्कूल ऑफ बिजनेस की निदेशक अर्चना शुक्ला ने नए छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को चुनना उनके सोच-समझकर लिए गए करियर निर्णय को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज का कारोबारी माहौल तीन प्रमुख स्तंभों—डेटा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI—पर आधारित है। उनके अनुसार, एक सफल प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए उत्पाद से जुड़े हर पहलू की गहरी समझ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रोडक्ट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, बिजनेस, ग्राहक की जरूरतों और नवाचार का संगम है।
जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कुलपति विजयशेखर चेल्लाबोइना ने छात्रों को बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि AI का उपयोग केवल एक टूल की तरह नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ सीखने के माध्यम के रूप में करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपनी सीखने की जिम्मेदारी स्वयं लें। शिक्षक उनका मार्गदर्शन करेंगे, लेकिन आगे बढ़ने का प्रयास उन्हें खुद करना होगा।
NPCI भारत बिलपे लिमिटेड की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नूपुर चतुर्वेदी ने अपने MBA और पेशेवर अनुभव साझा करते हुए छात्रों को मजबूत नेटवर्क बनाने, सवाल पूछने और जीवनभर सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रोडक्ट मैनेजमेंट का मूल उद्देश्य वास्तविक समस्याओं का समाधान करना है। उनके अनुसार, आने वाले समय के प्रबंधकों के लिए AI, ग्राहक की जरूरतों को समझने, डेटा का विश्लेषण करने और बिना प्रत्यक्ष अधिकार के टीम को प्रभावी ढंग से नेतृत्व देने की क्षमता बेहद जरूरी होगी।
जेके ऑर्गनाइजेशन के ग्रुप प्रेसिडेंट (HR) प्रेम सिंह ने छात्रों को अपने MBA के वर्षों का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह समय अपनी क्षमताओं को पहचानने, खुद को बेहतर बनाने और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां स्वीकार करने का है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान और प्रतिष्ठा उसके साथ लंबे समय तक चलती है। कंपनियां और पद बदल सकते हैं, लेकिन अच्छे मूल्य और मजबूत व्यक्तित्व ही दीर्घकालिक सफलता की असली नींव होते हैं।
MBA कार्यक्रम के चेयर और एसोसिएट प्रोफेसर (OM & QT) अमित करमचंदानी ने बताया कि यह कार्यक्रम भारत में प्रोडक्ट लीडरशिप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में AI और नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग के कारण ऐसे पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है जो प्रोडक्ट और बिजनेस दोनों की समझ रखते हों। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में छात्र केवल प्रोडक्ट मैनेजमेंट का अध्ययन नहीं करते, बल्कि ऐसे प्रोडक्ट तैयार करना भी सीखते हैं जो ग्राहकों के लिए वास्तविक मूल्य पैदा करें।
करियर सर्विसेज और कॉरपोरेट रिलेशंस की डिप्टी डायरेक्टर त्रिवेणी मेहता ने छात्रों से कहा कि MBA के दौरान केवल अच्छे अंक या प्लेसमेंट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्थान से निकलते समय छात्रों में आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच और चुनौतियों का सामना करने का साहस होना चाहिए। उनके अनुसार, शुरुआती करियर में नैतिक सोच, प्रभावी संवाद, सही निर्णय लेने की क्षमता और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने योग्य कौशल सबसे अधिक मायने रखते हैं।
कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपने विचार साझा किए। सोनीपत के अक्षित ने कहा कि प्रोडक्ट मैनेजमेंट उन्हें इसलिए आकर्षित करता है क्योंकि यह तकनीकी टीम और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करता है। कन्नौज के आर्यन ने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रोडक्ट डिलीवरी, मार्केटिंग और सेल्स की गहरी समझ मिलेगी।
अक्षिता नागर ने कहा कि AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रोडक्ट मैनेजमेंट का महत्व लगातार बढ़ रहा है। वहीं जयपुर के कीर्तन मंसाल ने बताया कि वह इस कार्यक्रम के जरिए ऑपरेशंस आधारित भूमिका से आगे बढ़कर AI और बिजनेस एनालिटिक्स की मदद से रणनीतिक निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचना चाहते हैं।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, फैकल्टी सदस्यों, अभिभावकों और छात्रों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने नए बैच के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित शुरुआत की, जिसमें प्रोडक्ट मैनेजमेंट को बदलती अर्थव्यवस्था में बिजनेस की चुनौतियों, ग्राहकों की जरूरतों और तकनीक आधारित अवसरों को समझने का प्रभावी माध्यम बताया गया।




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