
आज का भारत, वर्ष 2047 के भारत के लिए क्या संदेश छोड़कर जाएगा? इस सवाल का अनूठा जवाब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष पहल के जरिए दिया। विश्वविद्यालय ने वर्तमान भारत की आकांक्षाओं को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ते हुए एक टाइम कैप्सूल दफनाया, जिसे भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2047 में खोला जाएगा।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता LPU के चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने की। उन्होंने कहा कि आज के विचारों, मूल्यों और सपनों को भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान दे सकें।
यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा था। जहां एक ओर योग ने स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मविकास का संदेश दिया, वहीं टाइम कैप्सूल की यह पहल राष्ट्र निर्माण, नवाचार और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करती है।
भविष्य के भारत के लिए टाइम कैप्सूल
टाइम कैप्सूल की इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल वर्तमान तक सीमित न रहकर भविष्य के भारत के निर्माण में अपनी भूमिका के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रतीकात्मक पहल के माध्यम से LPU ने आज की युवा पीढ़ी और वर्ष 2047 में भारत की आजादी का शताब्दी वर्ष मनाने वाली भावी पीढ़ी के बीच एक मजबूत भावनात्मक और वैचारिक संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है।
यह कैप्सूल वर्ष 2047 तक पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। इसमें आज के समय के विचार, आकांक्षाएं और मूल्य भविष्य की पीढ़ियों के लिए संजोकर रखे गए हैं।
यह कार्यक्रम विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन को भी आगे बढ़ाता है, जिसमें नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, उद्यमिता और सतत विकास को देश की प्रगति का प्रमुख आधार माना गया है।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा और शोध की भूमिका बताई
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि ऐसे विचारों और मूल्यों को संरक्षित किया जाना चाहिए, जो भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित कर सकें। उन्होंने LPU से जुड़े उस ऐतिहासिक अवसर का भी उल्लेख किया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रसिद्ध नारे “जय जवान, जय किसान” का विस्तार करते हुए उसमें “जय विज्ञान, जय अनुसंधान” जोड़ा था।
उन्होंने कहा कि यह विस्तारित नारा वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन की आवश्यकता को दर्शाता है। साथ ही यह भी बताता है कि देश के विकास में शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शोध, खोज और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और विकसित भारत का साझा संदेश
इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भावना और विकसित भारत के विजन का प्रभावी समन्वय देखने को मिला। जहां योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और अनुशासन का संदेश देता है, वहीं टाइम कैप्सूल गतिविधि ने छात्रों को देश के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि शिक्षा, शोध, नवाचार और व्यक्तिगत विकास ही भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के प्रति LPU की प्रतिबद्धता
भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भी विभिन्न पहलों के माध्यम से छात्रों को भविष्य के भारत के बारे में सोचने और वर्तमान पीढ़ी के मूल्यों व सपनों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। वर्ष 2047 के लिए तैयार किया गया यह टाइम कैप्सूल भी उसी सोच का हिस्सा है।
यह प्रतीकात्मक पहल इस बात की याद दिलाती है कि कुछ ऐतिहासिक क्षण वर्तमान की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, जबकि कुछ प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए किए जाते हैं।




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