ओडिशा स्थित श्री श्री यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर, प्रो. गोपी नाथ पलई और प्रो. देबाशीष पांडा, को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से जारी 2026 की दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है।
श्री श्री यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक पेज पर यह जानकारी साझा करते हुए दोनों प्रोफेसरों को बधाई दी। विश्वविद्यालय ने इसे उनकी शोध उपलब्धियों, अकादमिक योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की पहचान बताया।
शोध में योगदान के लिए मिला सम्मान
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की यह सूची वैज्ञानिकों के शोध कार्यों के प्रभाव का आकलन करने के लिए विभिन्न मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) पर आधारित है। इस डेटाबेस में वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का आकलन दो अलग-अलग आधारों पर किया जाता है। इनमें एक सूची किसी विशेष वर्ष के शोध प्रभाव को देखती है, जबकि दूसरी शोधकर्ता के पूरे करियर के दौरान किए गए काम का मूल्यांकन करती है।
इस आकलन में शोध पत्रों को मिले उद्धरणों (Citations), एच-इंडेक्स (h-index), सह-लेखकों की संख्या और शोध पत्रों में लेखकों की भूमिका जैसे संकेतकों को शामिल किया जाता है।
इस सूची में शामिल होने का अर्थ है कि संबंधित शोधकर्ता के प्रकाशित कार्यों को सूची की निर्धारित पद्धति के अनुसार उल्लेखनीय उद्धरण प्रभाव मिला है। हालांकि, केवल उद्धरणों के आधार पर किसी शोध की गुणवत्ता या वैज्ञानिक के पूरे योगदान का आकलन नहीं किया जा सकता।
श्री श्री यूनिवर्सिटी ने उपलब्धि पर जताई खुशी
श्री श्री यूनिवर्सिटी ने प्रो. गोपी नाथ पलई और प्रो. देबाशीष पांडा को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गर्व का अवसर बताया।
यह उपलब्धि उच्च शिक्षा में शिक्षकों और शोधकर्ताओं की भूमिका को भी रेखांकित करती है। विश्वविद्यालयों में होने वाला शोध न केवल ज्ञान के विकास में योगदान देता है, बल्कि अकादमिक चर्चा को आगे बढ़ाने और भविष्य के अनुसंधान के लिए नए अवसर तैयार करने में भी मदद करता है।
विश्वविद्यालय की घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दोनों प्रोफेसरों को सूची की किस श्रेणी में शामिल किया गया है या उनका व्यक्तिगत शोध क्षेत्र क्या है। इसके बावजूद, सूची में उनकी उपस्थिति संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि है।




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