
हरियाणा स्थित Ashoka University ने कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस के क्षेत्र में शोध और शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई शैक्षणिक इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय में जल्द ही वचानी स्कूल ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (VSAC) की स्थापना की जाएगी। इस पहल के लिए Sunil Vachani, जो Dixon Technologies (India) के चेयरमैन हैं, ने परोपकारी अनुदान दिया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार इस पहल का उद्देश्य उन्नत कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाना और बहु-विषयक शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। प्रस्तावित स्कूल कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे विषयों को एक साथ लाएगा। साथ ही यह बायोसाइंस, भौतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, पुरातत्व और मानविकी जैसे क्षेत्रों के साथ सहयोग को भी बढ़ावा देगा, ताकि तकनीक और अन्य विषयों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
इस नए स्कूल के लिए विश्वविद्यालय ने Santanu Chaudhury को संस्थापक डीन नियुक्त किया है। चौधरी इससे पहले Indian Institute of Technology Delhi में प्रोफेसर रह चुके हैं और Indian Institute of Technology Jodhpur के निदेशक भी रहे हैं। उनका शोध क्षेत्र कंप्यूटर विज़न और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा रहा है।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक वचानी स्कूल ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग के तहत मौजूदा कंप्यूटर साइंस विभाग के साथ एक नया डेटा साइंस और AI विभाग भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा यहां कई इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च सेंटर भी काम करेंगे। इनमें सेंटर फॉर डिजिटलीकरण, AI एंड सोसाइटी, सेंटर फॉर डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स, सेफएक्सप्रेस सेंटर फॉर डेटा, लर्निंग एंड डिसीजन साइंसेज और कोइता सेंटर फॉर डिजिटल हेल्थ शामिल हैं। यह डिजिटल हेल्थ सेंटर Trivedi School of Biosciences के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय एक मेकर स्पेस और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की योजना भी बना रहा है। इनका उद्देश्य शोधकर्ताओं और छात्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और तकनीक आधारित व्यावहारिक समाधान विकसित करना है।
छात्रों को आकर्षित करने के लिए विश्वविद्यालय ने यह भी घोषणा की है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लगभग 200 तक मेरिट आधारित छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इससे कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यक्रमों में प्रतिभाशाली छात्रों की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
शैक्षणिक कार्यक्रमों के स्तर पर भी विस्तार की योजना है। मौजूदा कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों के साथ विश्वविद्यालय जल्द ही कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नया स्नातक (अंडरग्रेजुएट) मेजर शुरू करेगा। इसके साथ ही अन्य विषयों के साथ कंप्यूटिंग को जोड़ने वाले इंटरडिसिप्लिनरी प्रोग्राम भी आगे बढ़ाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल उन्नत कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षण क्षमता को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। साथ ही इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर भी गंभीर अध्ययन को प्रोत्साहित किया जाएगा।




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