
ITM University Gwalior ने 39वें AIU National Youth Festival 2026 में शानदार प्रदर्शन कर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह राष्ट्रीय स्तर का युवा महोत्सव 10 से 14 मार्च 2026 के बीच चेन्नई स्थित Sathyabama Institute of Science and Technology में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Association of Indian Universities द्वारा किया गया, जिसमें देश के आठ राष्ट्रीय जोनों का प्रतिनिधित्व करने वाली लगभग 30 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में देशभर के बेहतरीन सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रतिभाओं ने भाग लिया।
आईटीएम यूनिवर्सिटी की नौ सदस्यीय टीम ने संगीत और साहित्य दोनों श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बीसीए तृतीय वर्ष के छात्र देवांश मिश्रा ने संगीत वर्ग में लाइट वोकल सोलो सिंगिंग और सोलो इंडियन क्लासिकल म्यूजिक दोनों में तृतीय पुरस्कार हासिल किया। उनके साथ तबला पर अनुनेय शर्मा और हारमोनियम पर रुद्रांश शुक्ला ने संगत कर प्रस्तुति को यादगार बनाया।
साहित्यिक श्रेणी में भी विश्वविद्यालय को बड़ी सफलता मिली। आकांक्षा सिंह और मयंक दुबे (बी.टेक सीएसई) ने इंग्लिश डिबेट प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार जीता। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उनकी प्रभावशाली दलीलों ने निर्णायकों का ध्यान खींचा और विश्वविद्यालय के समग्र विकास मॉडल को साबित किया।
टीम का नेतृत्व डॉ. सतीश कुमार (SOAG) ने किया और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. गीतांजलि सुरंगे के मार्गदर्शन में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक प्रतिभा के संतुलित विकास का परिणाम है। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथियों और शिक्षकों ने इसे विश्वविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक माहौल का प्रमाण बताया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता ने आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की पहचान एक समग्र शिक्षा संस्थान के रूप में और मजबूत की है। यहां कक्षा शिक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, वाद-विवाद और संगीत जैसे मंचों के जरिए छात्रों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे वे नेतृत्व भूमिकाओं के लिए तैयार होते हैं। ग्वालियर और मध्य प्रदेश के उन छात्रों के बीच आईटीएम खास पसंद बना हुआ है जो संतुलित कैंपस जीवन चाहते हैं।
इस उपलब्धि के बाद बीसीए और बी.टेक सीएसई जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के बीच उत्साह बढ़ा है। आईटीएम यूनिवर्सिटी लगातार यह साबित कर रही है कि तकनीकी शिक्षा के साथ सांस्कृतिक सक्रियता भी करियर निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।




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