
बेनेट यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ में आयोजित UGC-दीक्षारंभ 2026 छात्र परिचय कार्यक्रम के तहत भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) रहे जस्टिस दीपक मिश्रा ने छात्रों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने नए कानून छात्रों को कानूनी शिक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े मूल्यों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
अपने संबोधन में जस्टिस दीपक मिश्रा ने छात्रों से कहा कि वे कानून की पढ़ाई को समर्पण, अनुशासन, ईमानदारी और बौद्धिक जिज्ञासा के साथ अपनाएं। उन्होंने छात्रों को यह समझाया कि उन्हें स्वयं को “न्याय के उद्देश्य की सेवा करने वाला” मानना चाहिए और एक वकील के कर्तव्यों तथा जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
छात्रों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी शिक्षा (Legal Education) केवल जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने युवा कानून विद्यार्थियों को “कानून की समझ” (Sense of Law) विकसित करने की सलाह दी, जिससे वे जटिल मुद्दों पर सवाल उठा सकें, तार्किक विश्लेषण कर सकें और सार्थक समाधान खोज सकें।
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि भविष्य में सफल कानूनी करियर (Legal Career) बनाने के लिए छात्रों को निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी होगी। इसके साथ ही आलोचनात्मक सोच, शोध कार्य, नवाचार, कानूनी सहायता प्रदान करने की क्षमता और सटीक कानूनी लेखन को भी उन्होंने कानूनी शिक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जस्टिस मिश्रा के संबोधन ने छात्रों को कानून के क्षेत्र में आवश्यक ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों को समझने का अवसर दिया। उन्होंने नए छात्रों से संविधान के मूल आदर्शों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति प्रतिबद्ध रहने की भी अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून के विद्यार्थियों को अपने पूरे शैक्षणिक और पेशेवर जीवन में सीखने की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए। आलोचनात्मक सोच, शोध, नवाचार, कानूनी सहायता और प्रभावी कानूनी लेखन को उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया।
यह संवाद विश्वविद्यालय के परिचय कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य नए कानून छात्रों को उनकी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत में ही कानूनी शिक्षा और न्यायिक पेशे की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना था।
इस कार्यक्रम में बेनेट यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) राज सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) श्री सेंथिल कुमार और स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुलश्रेष्ठ सहित विश्वविद्यालय के छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह सत्र नए कानून छात्रों के लिए उनकी शैक्षणिक यात्रा की एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हुआ। उन्हें देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश से सीधे कानूनी शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों और विधि पेशे की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
बेनेट यूनिवर्सिटी के UGC-दीक्षारंभ 2026 कार्यक्रम ने छात्रों के परिचय सत्र को कानून की पढ़ाई और उसके व्यावहारिक पक्ष से जुड़े मूल्यों की व्यापक चर्चा के साथ जोड़ा। कार्यक्रम ने छात्रों को ईमानदारी, आलोचनात्मक सोच और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कानून की पढ़ाई और अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।




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