
आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) की तीसरे वर्ष की एक छात्रा का शव सोमवार को उसके छात्रावास में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने बताया कि छात्रा की पहचान देविका पिल्लई (21) के रूप में हुई है। वह केरल के छेप्पर की रहने वाली थी। वह बायोटेक्नोलॉजी विभाग की तीसरे वर्ष की छात्रा थी।
पुलिस ने कहा, “छात्रा छात्रावास की इमारत की छत से लटकी हुई मिली। यह आत्महत्या का मामला है या कुछ और, इसका पता लगाया जाना बाकी है। हमने मौत की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए खड़गपुर उप-मंडल अस्पताल भेजा गया है।”
आईआईटी खड़गपुर ने भी खबर की पुष्टि की है और एक बयान में कहा है कि “बायोटेक्नोलॉजी विभाग की तीसरे वर्ष की छात्रा पिल्लई सुबह सरोजिनी नायडू/इंदिरा गांधी (छात्रावास) हॉल परिसर की छत से लटकी हुई मिली। घटना का पता चलने पर परिसर की सुरक्षा और चिकित्सा टीमों को तुरंत सतर्क कर दिया गया। जिला पुलिस अधिकारियों को सूचित कर दिया गया। उनके परिवार को भी तुरंत सूचित कर दिया गया।”
क्या यह आत्महत्या का मामला था या कोई गड़बड़ी हो सकती है, इस पर संस्थान के प्रवक्ता ने कहा, “पुलिस पिल्लई की मौत के आसपास की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। संस्थान अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है।”
पिल्लई को अकादमिक रूप से प्रतिभाशाली छात्र बताते हुए संस्थान ने बयान में कहा कि उनका बायोसाइंस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक आशाजनक भविष्य था। वह सरोजिनी नायडू/इंदिरा गांधी हॉल में सामाजिक और सांस्कृतिक महासचिव थीं। वह बायोसाइंस और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के तहत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कर रही थीं।
बताते चलें कि दो साल पहले आईआईटी खडगपुर में छात्र फैजान अहमद की हुई संदिग्ध मौत के मामले में पिछले दिनों बड़ा खुलासा हुआ था। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद शव का दोबारा हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला है कि छात्र फैजान के गले पर चाकू का निशान पाया गया था। इसके अलावा उसके शव पर गोली के निशान भी पाए गए थे। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का है। इसी साल मई में दूसरी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी गई थी।




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