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डूंगरपुर में MBBS स्टूडेंट से रैगिंग, किडनी-लिवर हुए डैमेज; 7 स्टूडेंट सस्पेंड

राजस्थान के डूंगरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के 50 से ज़्यादा छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एमबीबीएस सेकंड ईयर के सीनियर छात्रों ने फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट को कॉलेज के पास एक पहाड़ी पर बुलाया। उनसे 300 से ज्यादा उठक-बैठक करवाई। एक स्टूडेंट की तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां किडनी और लिवर पर असर पड़ने से डायलिसिस करानी पड़ी। मामले में मेडिकल कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी ने भी जांच में रैगिंग की पुष्टि की है। इसके बाद सेकंड ईयर के 7 स्टूडेंट को कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है। 

सदर थानाधिकारी गिरधारी सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर के प्रिंसिपल एस बाला मरगुनवेलू की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। रैगिंग की ये पूरी घटना डेढ़ महीने पहले 15 मई की बताई जा रही है। इसमें मेडिकल कॉलेज में ही फर्स्ट ईयर एमबीबीएस के स्टूडेंट प्रथम व्यास के साथ रैगिंग हुई है। सेकंड ईयर एमबीबीएस के सीनियर स्टूडेंट देवेंद्र मीणा, अंकित यादव, रविंद्र कुलरिया, सुरजीत, विष्णेंद्र धायल, सिद्धार्थ परिहार और अमन रागेरा ने प्रथम व्यास को कॉलेज के पास ही एक पहाड़ी पर बुलाया। इसके बाद उससे रैगिंग करते हुए 300 से ज्यादा उठक बैठक करवाई। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। 

इसके बाद उसका डूंगरपुर के अस्पताल में इलाज करवाया गया, लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे गुजरात के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां जांच में प्रथम के किडनी और लिवर पर असर होना बताया गया। इसके बाद उसकी 4 बार डायलिसिस करनी पड़ी। ये पूरा मामला मेडिकल कॉलेज के एंटी रैगिंग कमेटी के सामने आया, जिस पर एंटी रैगिंग कमेटी की ओर से जांच में भी रैगिंग की पुष्टि हुई।  इस पर कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से आरोपी सभी 7 स्टूडेंट को कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, प्रिंसिपल की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी 7 स्टूडेंट के खिलाफ रैगिंग का केस दर्ज कर लिया है। सदर थानाधिकारी गिरधारी सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। 

प्रथम व्यास के पिता दीपेन व्यास ने बताया कि उसके साथ ही फर्स्ट ईयर के 50 से ज्यादा स्टूडेंट थे, जिनके साथ रैगिंग हुई है। सेकंड ईयर के 40 सीनियर स्टूडेंट ने सभी जूनियर स्टूडेंट से उठक बैठक करवाई, जिससे उसके साथ ही 3 से 4 दूसरे स्टूडेंट की तबीयत भी बिगड़ गई। इसमें से आशीष बेनीवाल को भर्ती भी करवाया था, लेकिन प्रथम व्यास ने आरोपी स्टूडेंट के खिलाफ 20 जून को एंटी रैगिंग कमेटी को रिपोर्ट दी, जिस पर रैगिंग कमेटी ने तुरंत एक्शन लेते हुए जांच पूरी की। साथ ही मामले में केस दर्ज करवाया गया। 

 

 

Asmita Sarkar

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