
राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सप्ताह में न्यूनतम पैतालीस घंटे पढ़ाना अनिवार्य होगा। यह आदेश राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों पर लागू होगा। शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालन के लिए नई समय सारणी जारी की है। इसके तहत सुबह नौ से शाम 4.30 बजे तक कक्षाएं चलेंगी। चालीस मिनट 11.55 से 12.35 बजे तक का समय लंच के लिए रखा गया है। 3.15 बजे छुट्टी का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद 3.15 से लेकर 4.30 बजे तक मिशन दक्ष के तहत विशेष कक्षाएं आयोजित की जायेंगी। शिक्षकों को 4.30 के बाद ही स्कूल छोड़ना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सन्नी सिन्हा ने इस बाबत आदेश जारी किया है।
प्रधानाध्यापक/ शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी विद्यालय शुरू होने के 10 मिनट पूर्व विद्यालय पहुंचना सुनिश्चित करेंगे। राज्य के सभी प्रारंभिक / मध्य/माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक जारी समय-सारणी के अनुसार ही काम करेंगे और विद्यालय ससमय खोलना एवं बंद करना सुनिश्चित करेंगे। किसी भी सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक/ प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने स्तर से विद्यालय समय-सारणी में कोई बदलाव नहीं करेंगे अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। शनिवार
को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि (बैगलेस सुरक्षित शनिवार वर्ग 1 से 8 तक के लिए) जारी रहेगी।
मध्यांतर तक माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा।भोजनावकाश / मध्यांतर के बाद बाल संसद सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि,
अभिभावकों के साथ बैठक ( क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ शनिवार को ) आयोजित की जायेगी। जिस माह में पांचवा शनिवार आएगा उस शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते हुए पिछले सभी शनिवार में बच्चों द्वारा निर्मित सामग्रियों/गतिविधियों का प्रदर्शन किया जायेगा एवं समीक्षा करते शिक्षकों द्वारा आकलन/मूल्यांकन किया जाएगा। संस्कृत बोर्ड के अन्तर्गत विद्यालय तथा राजकीय उर्दू विद्यालय भी मॉडल टाइम टेबल का पालन करेंगे।
मिशन दक्ष के तहत कक्षाएं समय-सारणी के अनुसार ली जाएंगी। सभी शिक्षक अपने-अपने वर्ग चिह्नित कमजोर बच्चों का अलग-अलग कक्षाओं में वर्ग संचालन करना सुनिश्चित करेंगे। सितम्बर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा होनी है, इसलिए यथा निर्धारित पाठक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। प्रत्येक दिन छात्र/छात्राओं को गृह कार्य देना एवं अगले दिन उसकी जांच करना प्रत्येक शिक्षक का दायित्व होगा।
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (समय-समय पर यथा संशोधित) के अनुपालन में प्रति सप्ताह शिक्षकों की न्यूनतम 45 घंटे की कार्यावधि निर्धारित है। अतः प्रत्येक शिक्षक को सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन 7.5 घंटे की न्यूनतम कार्यावधि का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर पाठक्रम पूरा करने के लिए इस कार्यावधि को प्रधानाध्यापक बढ़ा सकते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा भी समय-समय पर अतिरिक्त कक्षा संचालन हेतु निर्देश दिया जा सकेगा। प्रतिदिन विद्यालय परिसर, वर्ग कक्ष, रसोई घर एवं शौचालय आदि की साफ-सफाई के निरीक्षण करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी ।




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