
जहां नीट यूजी परीक्षा (NEET UG 2024) को दोबारा कराए जाने की मांग को लेकर देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया जा रहा है, समूचे भारत में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीँ अब सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसी याचिका दायर की गई है जिसमें नीट परीक्षा को दोबारा न कराने की मांग की गयी है। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका मेरठ की दो छात्राओं ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दोबारा परीक्षा नहीं आयोजित की जानी चाहिए, यह अधिकांश परीक्षार्थियों के लिए अनुचित होगा।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2024 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर करने वाली ये दोनों छात्राएं नीट यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित किए जाने के खिलाफ हैं। नीट यूजी परीक्षा दोबारा कराए जाने की मांग के खिलाफ याचिकाकर्ता कृतिका गर्ग और प्रियांजली गर्ग का कहना है कि दोबारा परीक्षा नहीं आयोजित की जानी चाहिए क्योंकि अगर ऐसा होता है तो यह अधिकांश परीक्षार्थियों के लिए अनुचित होगा।
याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि नीट यूजी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, इसलिए इसे दोबारा आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। मेरठ निवासी आवेदकों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर 705 और 690 अंक हासिल किए हैं। दो छात्राओं द्वारा दायर की गई यह रिट याचिका नीट यूजी परीक्षा रद्द करके नए सिरे से कराने वाली याचिका के खिलाफ दायर की गई है। इस याचिका पर 13 जून को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वेकेशन बेंच ने नोटिस जारी किया था।
बता दें कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 स्टूडेंट्स के लिए नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 23 जून को दोबारा किया गया था। इन स्टूडेंट्स के ग्रेस मार्क्स खारिज किए जा चुके हैं। हालांकि यह परीक्षा अनिवार्य नहीं थी, इसलिए ग्रेस मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट्स में से 48 फीसदी इसमें शामिल ही नहीं हुए थे।




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