
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने शिक्षा सचिव से एक स्कूल में 10 साल से अधिक समय तक काम कर रहे शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर ऑर्डर को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह ऑर्डर शिक्षा मंत्री की अनुमति के बिना ही शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी कर दिया गया था।
दरअसल, शिक्षा मंत्री के अनुमति के बिना ही शिक्षा निदेशालय की ओर से हाल ही में एक स्कूल में 10 साल से ज्यादा समय से तैनात शिक्षकों के अनिवार्य ट्रांसफर के लिए सर्कुलर जारी किया था। इसके तहत एक ही स्कूल में 10 साल से अधिक समय तक काम करने वाले सभी शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करने का निर्देश दिया गया था और ऐसा न करने पर उन्हें शिक्षा निदेशालय की ओर से किसी भी स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
बता दें कि आदेश को लेकर शिक्षक समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। शिक्षकों ने डीओई के फैसले पर व्यापक गुस्सा और निराशा जताई थी। सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायतों का ज्ञापन सौंपने के लिए आतिशी से मुलाकात भी की थी। इस पर आतिशी ने कहा कि ऐसे तबादलों का “हानिकारक प्रभाव” हो सकता है, जो वर्षों के विश्वास पर आधारित अद्वितीय शिक्षक-छात्र संबंधों पर पड़ सकता है।
बयान में कहा गया कि उन्होंने स्थिर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि प्रशासनिक निर्णयों से शिक्षकों का मनोबल कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक और उनके छात्र के बीच एक अनूठा रिश्ता होता है जो वर्षों के विश्वास पर आधारित होता है। ऐसे में इस तरह के तबादले के आदेश शिक्षा प्रणाली के लिए हानिकारक हैं।
आतिशी ने कहा कि टीचर किसी भी स्कूली सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और दिल्ली सरकार का प्रयास है कि टीचर्स की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए लगातार काम करना चाहिए और कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंचे। ऐसे में इस तरह का निर्णय, जहां एक एडमिनिस्ट्रेटिव आदेश के तहत एक झटके में ही एक स्कूल में 10 साल पूरे कर चुके सभी टीचर्स को ट्रांसफर करने की बात की गई है, उसे तुरंत वापस लिया जाए।




Add comment