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नीट यूजी के संशोधित रिजल्ट जारी, 61 से घटकर 17 हुई टॉपर्स की संख्या

NEET UG Revised Scorecard: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 5 मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET UG 2024) के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद भौतिकी के एक प्रश्न के अंकों को ध्यान में रखते हुए परिणाम घोषित किए गए, जिसके बारे में एनटीए ने कहा था कि उसके दो उत्तर सही हैं। संशोधित रिजल्ट में न सिर्फ टॉपर्स की संख्या 61 से घटकर 17 पर आ गई है, बल्कि पात्रता हासिल करने वाले छात्रों की संख्या भी 13.16 लाख से घटकर 13.15 लाख हो गई है।

अंतिम परिणामों में 17 उम्मीदवार शीर्ष स्थान पर हैं, जबकि संशोधित परिणामों में 61 उम्मीदवार शीर्ष स्थान पर थे। पहले टॉपर घोषित किए गए 67 उम्मीदवारों में से 44 को भौतिकी के उस विशेष प्रश्न के लिए दिए गए अंकों के कारण पूरे अंक मिले थे, जिसके दो उत्तर सही थे। बाद में टॉपर्स की संख्या घटाकर 61 कर दी गई, क्योंकि एजेंसी ने कुछ परीक्षा केंद्रों पर समय की बर्बादी की भरपाई के लिए छह उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए।

संशोधित रिजल्ट में कटऑफ भी नीचे आया है। सामान्य श्रेणी का कटऑफ अब न्यूनतम 164 अंक से घटकर 162 अंक पर आ गया है। एनटीए ने नीट-यूजी का यह संशोधित रिजल्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी किया है जिसमें फिजिक्स के एक सवाल के दो सही जवाब पाए जाने पर एनटीए ने दोनों जवाबों में से कोई एक जवाब देने वाले सभी छात्रों को उसके पूरे नंबर दे दिए थे लेकिन जैसे ही मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया, सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी दिल्ली को सवाल के विकल्पों में से सही जवाब बताने को कहा। इसके बाद आईआईटी दिल्ली ने एक विकल्प को सही बताया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को नए सिरे से संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया था।

बहरहाल, अंतिम परिणामों के बाद टॉपर्स की संख्या 61 से घटकर 17 पर आ गई है। टॉपर्स में अब दिल्ली के मृदुल मान्या आनंद शीर्ष वरीयता पर हैं, जबकि दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के आयुष नौग्रेय हैं। इससे पहले टॉपर्स की सूची में मृदुल ने तीसरे और आयुष ने चौथे नंबर पर जगह बनाई थी।

बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2024  परीक्षा को रद्द करने और दोबारा कराने के अनुरोध वाली याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया था। न्यायालय ने कहा था कि परीक्षा की विश्वसनीयता के व्यवस्थित तरीके से प्रभावित होने और अन्य गड़बड़ियों को दर्शाने वाली कोई सामग्री रिकॉर्ड में नहीं है। 

 

Asmita Sarkar

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