
दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के मिरांडा हाउस कॉलेज (Miranda House College) ने छात्रों के लिए अपने छात्रावास शुल्क में छह हजार रुपये प्रति सेमेस्टर की बढ़ोतरी की है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की कॉलेज इकाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कॉलेज प्रशासन ने ‘ऑड सेमेस्टर’ के लिए छात्रावास शुल्क 27,090 रुपये से बढ़ाकर 33,090 रुपये और ‘ईवन सेमेस्टर’ के लिए 26,750 रुपये से बढ़ाकर 32,750 रुपये कर दिया है।
मिरांडा हाउस कालेज की प्रिंसिपल बिजयलक्ष्मी नंदा ने कहा कि मुद्रास्फीति और सुविधा के लिए रखरखाव लागत को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल फी में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा, “हमने उचित परामर्श के बाद छात्रावास शुल्क में वृद्धि की है। यह पिछले पांच से छह वर्षों में मुद्रास्फीति और हमारे द्वारा वहन किए जाने वाले रखरखाव लागत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शुल्क में कोई बड़ी वृद्धि नहीं की गई है। छात्रों को सहायता प्रदान करने के मामले में हमारे पास सख्त नीतियां हैं।”
बिजय लक्ष्मी नंदा ने दावा किया कि अन्य प्रमुख कॉलेजों की तुलना में मिरांडा हाउस ने अपनी छात्रावास सुविधा के लिए सबसे कम शुल्क लिया है। उन्होंने कहा कि वह छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए शुल्क वृद्धि पर विचार करेंगी।
इस बीच वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई ने “तेज” वृद्धि पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इससे छात्रों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। यह छात्रों और उनके परिवारों पर एक बड़ा वित्तीय बोझ है, विषम सेमेस्टर की फीस 27,090 रुपये से बढ़कर 33,090 रुपये हो गई है और सम सेमेस्टर की फीस 26,750 रुपये से बढ़कर 32,750 रुपये हो गई है।”
एसएफआई ने ये भी कहा है कि प्रति सेमेस्टर 6,000 रुपये की भारी वृद्धि परेशान करने वाली प्रवृत्ति को उजागर करती है, जहां शिक्षा अधिकार के बजाय विशेषाधिकार बन जाती है। उसने प्रशासन से इस वृद्धि से संबंधित उपायों और निर्णयों में पारदर्शिता की भी मांग की। कॉलेज की छात्रावास सुविधा के लिए संशोधित शुल्क संरचना इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है। विषम सेमेस्टर जुलाई में शुरू होता है और नवंबर/दिसंबर तक चलता है और सम सेमेस्टर दिसंबर या जनवरी में शुरू होता है और मई तक चलता है।




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