
जयपुर की राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले इकठ्ठा हुए स्टूडेंट्स चुनाव की तारीख का ऐलान करने की मांग कर रहे थे। विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई स्टूडेंट्स ने अपना मुंह काला कर लिया था। उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में सरकार का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन में NSUI, SFI, RLP, निर्दलीय समित विभिन्न छात्र संगठनों के स्टूडेंट शामिल रहे। हालांकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदर्शन से दूरी बनाकर रखी।
प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स जब यूनिवर्सिटी से बाहर आने लगे तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिसकर्मियों ने सड़क पर बैठे छात्रों को घसीटा। छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने जबरदस्ती उठाकर बस में बैठाया। 15 से ज्यादा छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यहां तक कि स्टूडेंट्स ने अपना मुंह काला करके दंडवत विरोध प्रदर्शन भी किया।
गौरतलब है कि राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी क्रम में आज दोपहर 12:00 बजे यूनिवर्सिटी के गेट पर छात्रों ने धरने की शुरुआत की। करीब एक घंटा धरना देने के बाद छात्रों ने सरकार का पुतला फूंका। दोपहर 2 बजे छात्रों ने यूनिवर्सिटी के गेट से बाहर आने की कोशिश की। गेट के पास टायर में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने दोपहर 2:30 बजे महेश चौधरी, मोहित यादव, राहुल महला समेत 15 से ज्यादा छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया। यूनिवर्सिटी कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिस का जाब्ता तैनात था।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में रैली निकाल कर अलग-अलग ब्लॉक बंद कर दिए। सबसे पहले छात्र नेताओं ने एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक को बंद कर ताला लगाया। इसके बाद कुलपति सचिवालय और फाइनेंस ऑफिस को बंद कर दिया। 15 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लेने के बाद कुछ स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी में चेहरा काला कर प्रदर्शन किया। इन्हें भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया ।
छात्र नेता सुरेंद्र चौधरी ने कहा- हम गांधीवादी तरीके से अपना मुंह काला करके यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन कर रहे थे। हम चाहते हैं कि पुलिस हमारे साथियों को रिहा कर दे, लेकिन पुलिस ने बेवजह हमें ही पकड़ लिया जो सरासर गलत है। हम चुप रहने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार छात्रसंघ चुनाव की घोषणा नहीं करेगी, हमारा विरोध जारी रहेगा।
बता दें कि राजस्थान की तत्कालीन गहलोत सरकार ने पिछले साल छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने का फैसला किया था। इसके बाद प्रदेश भर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन, सरकार ने अपने फैसले को नहीं बदला था। अब प्रदेश में बीजेपी सरकार में भी छात्रसंघ चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति है। उच्च शिक्षा मंत्री चुनाव स्थगित करने को पूर्व सरकार का फैसला बताते हुए कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं भाजपा के जो नेता अब तक छात्रसंघ चुनाव शुरू करने की मांग करते थे, उन्होंने भी चुप्पी साध ली है। इसके बाद राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।




Add comment